Why Children Fall Sick During Weather Change: मौसम में जरा सा बदलाव होते ही कई माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि सबसे पहले असर बच्चों की सेहत पर दिखाई देता है. सुबह की ठंडी हवा, दोपहर की हल्की गर्मी और शाम की ठंडक बच्चों के शरीर को जल्दी थका देती है. इस दौरान उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार और गले में दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. डॉक्टरों के अनुसार, बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो जाते हैं. वहीं आयुर्वेद मानता है कि शरीर का संतुलन बिगड़ने पर रोगों की शुरुआत होती है. अगर बच्चों की अंदरूनी ताकत मजबूत न हो, तो वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं.
यह भी पढ़ें: घर पर नेचुरल फेस वॉश कैसे बनाएं? इस तरह बनाएंगी Face Wash तो महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत
खानपान और डेली-रूटीन का भी पड़ता है असर
बच्चों की सेहत काफी हद तक उनके खानपान और रोजमर्रा की आदतों पर निर्भर करती है. संतुलित और ताजा खाना इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है. हरी सब्जियां, मौसमी फल, दाल, रोटी, चावल, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देते हैं. वहीं, ज्यादा तला-भुना या बाहर का खाने से बच्चों को दूर रखना चाहिए, इससे इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
बदलते मौसम में बच्चों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय | Seasonal Diseases In Children Prevention
- बच्चों को हल्का, ताजा और घर का बना भोजन दें, जिससे उनका पाचन तंत्र मजबूत रहे और शरीर को पूरी ऊर्जा मिले.
- रोजाना गुनगुना पानी, सूप या हर्बल काढ़ा देने से शरीर अंदर से गर्म रहता है और संक्रमण का खतरा कम होता है.
- हाथ धोने की आदत जरूर सिखाएं, खासकर बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले, क्योंकि ज्यादातर कीटाणु हाथों से ही शरीर में प्रवेश करते हैं.
- बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं, ताकि ठंडी या गर्म हवा का सीधा असर न पड़े.
- नियमित नींद और हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे खेलकूद इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं.
- शरीर में पानी की कमी भी बच्चों को कमजोर बनाती है. शरीर को अंदर से साफ रखने के लिए तरल पदार्थ जरूरी हैं. बच्चों को दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाते रहें.
अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो बदलते मौसम में भी बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है.
यह भी पढ़ें: 35 के बाद प्रेग्नेंसी में बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, इन साइलेंट लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
बेबी प्लानिंग से पहले हर Couple को इन बातों का रखना चाहिए ख्याल
1 hr agoसर्दी-जुकाम ने जकड़ लिया है तो घर पर बनाकर पिएं यह काढ़ा, महसूस होगा आराम
4 hrs agoपथरी का दर्द कहां होता है और कैसा महसूस होता है? डॉक्टर ने बताया
5 hrs agoविटामिन D की गोली पानी के साथ खाकर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे पैसे बर्बाद?
5 hrs agoखर्राटों को न करें नजरअंदाज! रात में सांस रुकना हो सकता है खतरनाक संकेत
6 hrs agoघुटने, कमर और गर्दन की अकड़न को दूर करने के लिए करें ये 5 काम
7 hrs agoपैनक्रियाज में कैंसर होने पर कैसे पता चलता है? जानिए इस Cancer के लक्षण
9 hrs agoरातभर करवटें बदलते रहते हैं? अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें!
1 day agoबार-बार बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजाना की ये 7 आदतें रखेंगी सेहत का ख्याल
1 day agoफ्रिज से ठंडा दही निकालकर खाने से क्या होता है? डॉक्टर ने बताया
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines