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फोन पर बात करने से घबराहट क्यों होती है? कहीं आपको भी तो नहीं है यह डिसोर्डर? जानिए Call Anxiety क्या है

What Is Telephobia: क्या आपको भी किसी का कॉल उठाने में या कॉल पर बात करने के ख्याल से भी घबराहट होने लगती है? यहां जानिए ऐसा किस कंडीशन में होता है और किस तरह इस दिक्कत से छुटकारा मिल सकता है.

Call Anxiety: कॉल करने या कॉल उठाते समय होने वाली घबराहट को क्या कहते हैं, जानिए यहां.

What Is Call Anxiety: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें किसी को फोन करने से घंटों पहले खुद को समझा-समझाकर तैयार करना पड़ता है, फोन की रिंग आते ही घबराहट होने लगती है और किसी का फोन उठाना हो तो एंजाइटी होने लगती है? अगर आपका भी यही हाल है तो हो सकता है आपको कॉल एंजाइटी (Call Anxiety) हो. कॉल एंजाइटी को टेलेफोबिया (Telephobia) कहा जाता है. टेलेफोबिया क्या है और किस तरह इससे निपटा जा सकता है, जानिए यहां.

क्या है टेलेफोबिया | What Is Telephobia

टेलेफोबिया की सटीक परिभाषा है फोन का डर. लेकिन, यह टेलेफोन का डर नहीं बल्कि फोन पर बात करने की एंजाइटी है जोकि सोशल एंजाइटी (Social Anxiety) का ही एक प्रकार है. इस एंजाइटी में व्यक्ति को डर होता है कि कहीं कोई उसका मजाक ना बनाए या उसे चिढ़ाए या बुरा-भला ना कहे.

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क्यों होती है कॉल एंजाइटी

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कॉल उठाने में अक्सर व्यक्ति को एंजाइटी इसीलिए होती है क्योंकि उसे पता नहीं होता है कि वह जिस व्यक्ति से बात कर रहा है फोन के उस तरफ उसका रिएक्शन क्या होगा या उसकी बॉडी लैंग्वेज क्या होगी. यह सोचकर भी एंजाइटी होती है कि कहीं किसी तरह की बुरी खबर देनी या लेनी ना पड़ जाए. एंजाइटी यह सोचकर भी हो जाती है कि कहीं फोन का कनेक्शन ठीक नहीं आया तो इससे कोई आवाज ना उठाए, बार-बार अपनी बात ना दोहरानी पड़े या किसी तरह की मिसअंडरस्टेंडिंग ना हो जाए.

किसी खढ़ूस व्यक्ति से बात करने के ख्याल से भी एंजाइटी हो सकती है. कई बार किसी अजनबी से बात करने की घबराहट होती है तो इससे भी कॉल एंजाइटी हो जाती है.

कैसे दूर होगा टेलेफोबिया

  • टेलेफोबिया को दूर करने का बेस्ट तरीका है थेरेपी. आप थेरेपी लेकर इस टेलेफोबिया से निपट सकते हैं.
  • अपने जान-पहचान के लोगों से बात करके आप बात करने की आदत डाल सकते हैं और अपने टेलेफोबिया से उभर सकते हैं.
  • कॉल करने से पहले एंजाइटी महसूस होती है तो 2 से 3 पॉइंट्स तैयार करें जो भी आप सामने वाले व्यक्ति से कहना चाहते हैं. इससे घबराहट कम होगी और आप प्रिपेयर्ड महसूस करेंगे.
  • किसी का फोन उठाने से पहले बहुत कुछ ना सोचें और सीधा फोन उठा लें. अगर घबराहट हो तो फोन उठाकर बता दें कि आप बिजी हैं, बात नहीं कर पाएंगे.
  • ज्यादा लंबी बातें करने के बजाय 1 से 2 मिनट की ही बात करें. लंबे कॉल्स में अनकंफर्टेबल ना हों.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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