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महिलाओं में Ovarian Cancer के क्या लक्षण होते हैं? अंडाशय कैंसर के इन 5 संकेतों को कभी ना करें इग्नोर

Ovarian Cancer Ke Lakshan: ओवेरियन कैंसर क्या है और इस कैंसर में महिलाओं के शरीर पर कैसे लक्षण नजर आते हैं, जानिए यहां. ओवेरियन कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी होता है.

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अंडाशय के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं?

Ovarian Cancer Symptoms: महिलाओं में होने वाले कैंसर में से एक है ओवेरियन कैंसर. ओवेरियन कैंसर तब होता है जब ओवरीज (Ovaries) में यानी अंडाशय में कैंसर की सेल्स पनपने लगती हैं. कैंसर की ये सेल्स तेजी से बढ़ती हैं और हेल्दी सेल्स को खत्म करने लगती हैं. महिलाओं के शरीर में 2 ओवरीज होती हैं और ये दोनों गर्भाशय के दोनों तरफ होती हैं. अंडाशय में अगर कैंसर हो जाए तो शरीर पर इसके कुछ लक्षण (Ovarian Cancer Ke Lakshan) दिखने लगते हैं जिन्हें नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए. कैंसर के लक्षण जितनी जल्दी पहचान आ जाएं उतनी ही जल्दी इलाज शुरू किया जा सकता है. यहां जानिए अंडाशय के कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं और किस तरह पहचाने जा सकते हैं.

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अंडाशय के कैसंर के लक्षण

  • पेट में सूजन आ जाती है, हर समय पेट खराब महसूस होता है
  • बिना किसी कारण के ही वजन कम होने लगता है
  • कमर में दर्द महसूस होता है और कमजोरी होने लगती है
  • कई बार कब्ज हो जाती है और मलत्याग करने के तरीके में भी फर्क आ सकता है
  • पेल्विक एरिया में दर्द महसूस होता है, यह दर्द जांघों के ऊपरी हिस्से में हो सकता है. बार-बार पेशाब करने की इच्छा महसूस होती है.

अंडाशय का कैंसर कितने प्रकार का होता है

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अंडाशय का कैंसर मुख्य रूप से 3 प्रकार का होता है, एपिथेलियल ट्यूमर, जर्म सेल ट्यूमर और स्ट्रोमल ट्यूमर.

एपिथेलियल ओवरियन कैंसर – यह सबसे आम कैंसर है जिसके कई सब्टाइप्स होते हैं जैसे सिरो कार्सिनोमा और म्यूसिनस कार्सिनोमा.
स्ट्रोमल ट्यूमर – इस ओवेरियन कैंसर का पता आमतौर पर शुरुआती स्टेज में ही चल जाता है.

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जर्म सेल ट्यूमर – इस टाइप का ओवेरियन कैंसर कम उम्र में होता है.

किन महिलाओं को ओवेरियन कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है

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  • बढ़ती उम्र में ओवेरियन कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है.
  • किसी महिला की मां को ओवेरियन कैंसर हुआ हो तो बेटी को होने की संभावना रहती है.
  • बहुत ज्यादा वजन होने पर या बहुत मोटे होने पर ओवेरियन कैंसर का खतरा रहता है.
  • महिलाओं को एंड्रिमेट्रिओसिस हो जाए तो इसमें एब्नॉर्मल टिशूज की ग्रोथ हो सकती है.
  • जिस उम्र में पीरियड्स शुरू होते हैं और जिस उम्र में खत्म होते हैं, या दोनों में ही ओवेरियन कैंसर होने का रिस्क रहता है.
  • कभी मां ना बनने वाली महिला को ओविरेयिन कैंसर होने का रिस्क ज्यादा रहता है.

यह भी पढ़ें – आंत के कैंसर के क्या लक्षण हैं? मल में दिखे यह चीज तो तुरंत कराएं टेस्ट

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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