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इलाज कराने के बाद भी हो सकता है Cancer, रिसर्च में चौंकाने वाले खुलासे

Medical Research Revealed Cancer Causes: इलाज कराने के बाद भी कैंसर पनप सकता है। शरीर के किसी भी हिस्से में ट्यूमर बन सकता है। यह खुलासा एक रिसर्च में हुआ है, जो 10 साल चली और नतीजे जानने के लिए चूहों पर प्रयोग किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्जरी-कीमोथेरेपी कराने के बाद भी कोशिकाएं कैंसर से ग्रस्त हुईं।

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कैंसर सेल्स पर एक रिसर्च हुई है, जिसके नतीजे चौंकाने वाले हैं।

Dying Cancer Cells May Damage Healthy Cells: चाहे अमेरिका जाकर इलाज करा लो, सर्जरी-कीमोथेरेपी करा लो, ठीक होने के बाद भी कैंसर हो सकता है। एक जगह से ट्यूमर निकल जाएगा, लेकिन कैंसर शरीर के किसी दूसरे हिस्से में भी हो सकता है। जी हां, एक रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि कीमोथेरेपी कराने के बाद जो कोशिकाएं मर जाती हैं, वे स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं। उन्हें कैंसरग्रस्त कर सकती हैं। ऐसे में इलाज कराने के बाद भी शरीर के अन्य अंगों में कैंसर फैल सकता है। एक न्यूट्रास्युटिकल कंपनी के साथ मिलकर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (TMH) कें कैंसर सेंटर ने यह रिसर्च की और करीब 10 साल के शोध के बाद यह नतीजे सामने आए हैं।

 

10 साल चली रिसर्च में सामने आए नतीजे

रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कीमोथेरेपी से मर चुकी कैंसर कोशिकाएं क्रोमोसोम के टुकड़े रिलीज करती हैं, जो स्वस्थ कोशिकाओं के साथ मिक्स होकर नया ट्यूमर बनाती हैं। यह ट्यूमर शरीर के किसी भी हिस्से में बन सकता है। इसलिए कैंसर का ट्रीटमेंट में ऐसी दवाइयां शामिल करनी होंगी, जो मृत कैंसर कोशिकाओं द्वारा रिलीज किए जाने वाले क्रोमोसोम के टुकड़ों को निष्क्रिय कर दें।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के एडवांस्ड सेंटर में ट्रांसलेशनल रिसर्च लेबोरेटरी के प्रोफेसर इंद्रनील मित्रा के नेतृत्व में प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. RA बडवे और अन्य वरिष्ठ शोधकर्ताओं के सहयोग से 10 साल तक कैंसर पर रिसर्च की गई। रिसर्च के तहत टेस्टिंग की गई कि कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या सर्जरी कराने के बाद भी कैंसर कैसे हो जाता है?

 

नतीजे देखने के लिए चूहों पर किया प्रयोग

प्रोफेसर इंद्रनील मित्रा और उनकी टीम ने रिसर्च के लिए चूहों को चुना। उन्होंने कैंसर का ट्यूमर बनाने के लिए चूहों में कैंसर कोशिकाओं को ग्राफ्ट किया। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी, तीनों अलग-अलग तरीकों से चूहों का इलाज किया। कुछ चूहों को वह दवाई दी गई, जो मृत कोशिकाओं द्वारा पैदा किए जाने वाले क्रोमोसोम के टुकड़ों को निष्क्रिय कर देती हैं।

बाकी चूहों की जांच की गई तो उनमें क्रोमोसोम के टुकड़ों को बनने और उनसे स्वस्थ कोशिकाओं को कैंसर होने की पुष्टि हुई। जिन चूहों को क्रोमोसोम के टुकड़ों को निष्क्रिय करने की दवाई दी गई थी, उनकी स्वस्थ कोशिकाएं ठीक थीं। इस आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि इलाज कराने के बाद भी कैंसर होने का कारण यही क्रोमोसोम के टुकड़े हैं, जो कैंसर का प्रसार करते हैं।

 

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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