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युवाओं में हार्ट डिजीज बढ़ने के 5 नए कारण, एक्सपर्ट ने किया खुलासा

Heart Diseases Causes: युवाओं में हार्ट डिजीज के मामलों के बढ़ने के पीछे कई कारण शामिल हैं। हालांकि, यह सभी मुख्यत: लाइफस्टाइल रिलेटेड डिजीज होते हैं। मगर हाल ही में अमेरिकन साइंटिस्ट ने इस बात पर रोशनी डालते हुए बताया है कि दिल की बीमारियों के बढ़ने के पीछे ये फैक्टर्स भी शामिल हैं, जो नए हैं और लोगों द्वारा अपनाए जा रहे हैं।

photo credit-freepik
Heart Diseases Causes: हृदय रोग लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही है। यह हेल्थ कंडिशन लोगों के लिए एक नई और चिंताजनक स्थिति को दर्शा रही है। दरअसल, यह परेशानी युवाओं को ज्यादा परेशान कर रहा है, इसलिए लोगों को इससे निपटारे के लिए नए उपायों की तलाश है। अमेरिका में भी यह रोग युवाओं के बीच कॉमन हो गई है। प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजिस्ट और माईफिटनेसपाल के वैज्ञानिक सदस्य डैनियल बेलार्डो, एम.डी. बताती हैं कि युवाओं के बीच इस समस्या के बढ़ने के पीछे के कुछ कारण ऐसे हैं, जो कि अनजाने में अपनाए जा रहे हैं। हार्ट डिजीज के मामलों में 45 वर्ष से कम आयु के लोगों की गिनती अधिक है। चलिए जानते हैं हार्ट डिजीज के कारण।

ये हैं हार्ट हेल्थ सही न रहने के 5 कारण

1. प्लांट बेस्ड फूड्स से दूरी- युवाओं में कम पौष्टिक भोजन और कम फलों तथा सब्जियों के सेवन की रिपोर्ट सामने आई है। आज के युवा प्रोसेस्ड और इंस्टेंट फूड्स पर ज्यादा निर्भर करते हैं, जो कि हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा रहे हैं। ये भी पढ़ें- Heart Health: हार्ट की बीमारी के होते हैं ये 3 शुरुआती संकेत 2. ट्रेंडिंग डाइट्स- इन दिनों युवा खाने-पीने की नई आदतों को तुरंत अपना लेते हैं। कई बार वायरल डाइट उतनी हेल्दी नहीं होती है, जितनी हमें इंटरनेट पर दिखाई देती है। जेन जी पर हुए एक सर्वे में पाया गया कि 87% इस एज ग्रुप के लोग इन डाइट्स को अपनाते हैं। यह डाइट हाई सैचुरैटेड फैट्स से भरपूर होती है। 3. चाइल्ड ओबेसिटी- छोटे बच्चों में ओबेसिटी की समस्या भी काफी बढ़ गई है। ज्यादा वजन होना भी हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल सही नहीं है। जो बच्चे उम्र के हिसाब से ज्यादा मोटे होते हैं, उनमें हार्ट डिजीज के संकेत बचपन में ही दिखने लगते हैं। 4. फाइबर की कमी- कई न्यूट्रिशनिस्ट इस बात पर भी जोर डालते हैं कि युवाओं की डाइट में पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी नहीं होता है, जो कि शरीर के लिए आवश्यक होता है। रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग अपनी डाइट में फाइबर को शामिल करते हैं, उन्हें हार्ट डिजीज का रिस्क 23% तक कम हो जाता है। 5. प्रोसेस्ड फूड्स पर निर्भर- जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड्स का अत्यधिक सेवन, कम फिजिकल एक्टिविटी और नींद की कमी भी दिल की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट में पाया गया है कि युवाओं में फिटनेस की कमी और असंतुलित आहार से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ सकता है, जो दिल की बीमारियों को जन्म देते हैं। ये भी पढ़ें- बवासीर को कैसे दूर भगाएंगी रसोई में छिपी ये चीजें Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।


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