हाल के दिनों में लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट, इन दोनों शब्दों को काफी सुनते आ रहे हैं। अक्सर लोग इन दोनों को एक ही चीज समझते हैं जबकि ये दोनों बिलकुल अलग-अलग चीजें हैं। दोनों ही स्थितियां दिल से संबंधित हैं लेकिन काफी अलग हैं क्योंकि एक में जान बचाने की संभावना ज्यादा होती है और दूसरी स्थिति में थोड़ी सी देरी भी जान ले सकती है। चलिए आपको सरल भाषा में दोनों ही स्थितियों के बारे में समझाते हैं। इस बारे में हमें डॉक्टर अनुज कुमार बता रहे हैं।
डॉक्टर क्या बोले?
झारखंड के क्रेनियोफेशियल सर्जन डॉक्टर अनुज कुमार कहते हैं ज्यादा तकनीकी भाषा में समझना मुश्किल होगा लेकिन सरल भाषा में समझें तो हृदय एक पानी के पम्प की तरह है। पम्प को अगर देखें तो इसमें दो चीजें हैं। पहली कि उसमें बिजली का फ्लो आता है और उस बिजली के फ्लो से जो ऊर्जा आती है उसकी मदद से पम्प पानी को खींच कर बाहर फेंकता है। ठीक ऐसा ही दिल की इन दोनों ही स्थितियों की पहचान की जा सकती है।
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हार्ट अटैक क्या है?
अगर पानी के पम्प की नली में कुछ फंस जाए तो पम्प पानी को ठीक से फेंक नहीं पाएगा।
हार्ट अटैक में भी कुछ ऐसा ही होता है। हृदय की नली में किसी कारणवश सिकुड़ने आ जाए या कुछ फंस जाए या जम जाए तो वो शरीर में खून के फ्लो यानी ब्लड सर्कुलेशन को सही से नहीं कर पाता है। हार्ट अटैक में मरीज कभी भी अचानक से बेहोश नहीं होते हैं। उनमें दिखने वाले लक्षण कुछ ऐसे होते हैं।
Heart Attack के संकेत
- सीने में दर्द होना।
- यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है, कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है।
- कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है।
- सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना।
- कुछ लोगो को पेट में गैस भी हो सकती है।
कार्डियक अरेस्ट कैसे होता है?
डॉक्टर कहते हैं कि अगर पम्प में बिजली का प्रवाह अचानक बंद हो जाए तो पम्प बिलकुल काम करना बंद कर देता है। ऐसा ही कुछ कार्डियक अरेस्ट में भी होता है। हृदय में करेंट का फ्लो अचानक से बंद हो जाता है जिसके कारण दिल अचानक से पूरी तरह काम करने में रुक जाता है। इसी कारण मरीज अचानक से तुरंत बेहोश हो जाता। कार्डियक अरेस्ट में आप CPR दे कर कोशिश करते हैं कि हृदय वापस पम्प करना शुरू करे या प्रेशर से वो खून की पम्पिंग करता रहे लेकिन इस स्थिति में मरीज को तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है। ताकि जैसे ही मरीज अस्पताल पहुंचे, तो AED मशीन की मदद से उसके दिल को वापस से कार्य करने लगे।
कार्डियक अरेस्ट के संकेत
- तुरंत बेहोश हो जाना।
- सांस लेने में तकलीफ महसूस करना।
- तेज दिल की धड़कनें।
- उल्टी आना।
- कमजोरी या ब्लैकआउट होना।
कुछ जरूरी टिप्स
- हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
- नियमित रूप से व्यायाम करते रहें।
- स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी।
- शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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