एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे देश और एविएशन डिपार्टमेंट में डर का माहौल बना दिया है। जी हां, हाल ही में 30 वर्षीय एक पायलट को फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करवाने के तुरंत बाद दिल का दौरा पड़ गया। पायलट ने पूरी प्रोफेशनल क्षमता के साथ फ्लाइट को सफलतापूर्वक लैंड कराया, लेकिन लैंडिंग के कुछ ही मिनटों बाद अचानक उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। पायलट की इस दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बता दें कि पायलट की पहचान अरमान के नाम से हुई है और वह महज 30 साल का ही था। अरमान की शादी हाल ही में हुई थी और उसे दुनिया को ही अलविदा कहना पड़ गया। फ्लाइट श्रीनगर से दिल्ली आ रही थी। लैंडिंग के बाद उसे सीने में बेचैनी हुई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कम उम्र में हार्ट अटैक- एक गंभीर चिंता
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इस मामले के बाद से ही एक सवाल सभी लोगों के मन में उठ रहा है कि इतने दिनों से युवाओं के बीच हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की घटना की संख्या बढ़ गई है। 25 से 30 साल के युवकों में क्यों हार्ट अटैक हो रहे हैं। इस पर हमने डॉक्टर से बातचीत की और उन्होंने कई कारणों का खुलासा भी किया।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
आकाश हॉस्पिटल के डायरेक्टर एंड यूनिट हेड, कार्डियोलॉजी, डॉक्टर आशीष अग्रवाल के अनुसार, लोगों की फास्ट लाइफस्टाइल, तनाव, नींद की कमी, असंतुलित खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी। ये सभी कारण युवाओं में दिल की बीमारियों को जन्म दे रही हैं। खासकर पायलट्स जैसे प्रोफेशन में काम करने वालों को हाई अलर्ट रहना जरूरी है क्योंकि उनका शेड्यूल अनियमित होता है और उन्हें तनाव भी अधिक रहता है।
एविएशन इंडस्ट्री को रिस्क!
हालांकि, ऐसा कोई ठोस कारण नहीं है कि एविएशन विभाग को कोई रिस्क है, मगर इनके साथ ऐसी घटनाएं होने के कई कारण भी मौजूद हैं, जो कि इनके लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं। पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट और एयर होस्टेस जैसे सभी एविएशन कर्मचारी को पर्याप्त नींद, आराम और सही खान-पान नहीं मिलता है। इनकी इंबैलेंस लाइफस्टाइल ही दिल की बीमारियों के जोखिमों को बढ़ा देती है। वहीं, पायलट के पास अपने साथ-साथ फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों की सुरक्षा का भी बीड़ा होता है, जो किसी तनाव से कम नहीं होता है।
किन कारणों से बढ़ रहा है जोखिम?
- अनियमित दिनचर्या और नींद की कमी
- अधिक मानसिक दबाव और तनाव
- फास्ट फूड और जंक फूड की अधिकता
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- धूम्रपान और एल्कोहल का सेवन
- जेनेटिक फैक्टर और फैमिली हिस्ट्री
किन्हें रहता है ज्यादा रिस्क?
- अधिक तनाव में रहने वाले फ्लाइट अटेंडेंट्स।
- शिफ्ट तुरंत बदलने वाले कर्मियों को।
- हाई बीपी/कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित कर्मचारियों को।
- धूम्रपान और जंक फूड का ज्यादा सेवन करने वालों को।
हार्ट अटैक के संकेतों को ग्राफिक्स की मदद से समझें
सीने में जकड़न, बाएं हाथ में दर्द, जबड़े में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना और चक्कर महसूस करना।
क्या कर सकते हैं बचाव के लिए?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का ध्यान रखना, योग और मेडिटेशन जैसी तनाव कम करने वाली गतिविधियां करने से और 7-8 घंटे की नींद लेना हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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