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वैज्ञानिक बोले-इन 5 वजहों से बढ़ता है मोटापा, रिसर्च में हुई जिम्मेदार जीन की पहचान

Obesity Genetic Disorders:  एक रिसर्च में ऐसे जीन का पता चला है जो मोटापे के लिए जिम्मेदार है। इसकी जानकारी होने के बाद सेहत से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी निकाला जा सकता है। आइए जान लेते हैं क्या है ये रिसर्च.. 

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Image Credit: Freepik

Obesity Genetic Disorders: मोटापे की समस्या से हर कोई परेशान हैं। मोटापा सिर्फ डेवलप्ड देशों की समस्या नहीं है बल्कि इससे डेवलपिंग देशों में रहने वाले लोग भी मोटापे के शिकार होने लगे हैं। अब तक इसके तमाम कारणों का अनुमान लगाया जा रहा है,लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में ऐसे जीन का पता लगाया है उन्हें मोटापे के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है।

मोटापा एक ऐसी कंडीशन है जो अलग-अलग फैक्टर के कारण होता है, जिसमें जेनेटिक फैक्टर भी शामिल हैं। एक हालिया स्टडी ने एक विशिष्ट जीन उत्परिवर्तन (SMIM1 एसएमआईएम1) की पहचान पहचान की, जो मोटापे की निशानी है।

स्टडी के प्रमुख रिसर्च डॉ. मैटिया फ्रोंटिनी ने बताया कि रिसर्चर ने यूके बायो बैंक के डाटा का विश्लेषण किया और SMIM1 जीन की डिफेक्टिव कॉपिज वाले लोगों के मुकाबले उन लोगों से की जिनमें म्यूटेशन नहीं था। उन्होंने पाया कि म्यूटेशन वाली महिलाओं का वजन बिना म्यूटेशन वाली महिलाओं की तुलना में एवरेज 4.6 किलोग्राम अधिक था। वहीं, म्यूटेशन वाले पुरुषों का वजन म्यूटेशन के बिना वाले पुरुषों की तुलना में औसतन 2.4 किलोग्राम अधिक था।

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रिसर्च के मुताबिक, दोषपूर्ण/डिफेक्टिव एसएमआईएम1 जीन थायराइड के काम को बाधित करता है और ऊर्जा को कम करता है। इसका मतलब यह है कि समान भोजन सेवन के साथ म्यूटेशन वाले व्यक्ति कम एनर्जी बर्न करते हैं, जिससे ज्यादा फैट जमा हो जाता है। एसएमआईएम1 म्यूटेशन काफी दुर्लभ है, जो लगभग 5 जार में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है। हालांकि, यह विशेष जेनेटिक कारण मोटापे से ग्रस्त लोगों की एक बड़ी आबादी पर लागू नहीं होता है।

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. मैटिया फ्रोटिनी ने बताया, रिसर्चर ने यूके बायो बैंक के डेटा का विश्लेषण किया और एसएमआईएम 1 जीन की दोषपूर्ण/डिफेक्टिव लोगों की तुलना उन लोगों से की जिनमें म्यूटेशन नहीं था। उन्होंने पाया कि म्यूटेशन वाली महिलाओं का वजन नॉर्मल महिलाओं की तुलना में एवरेज 4.6 किलोग्राम ज्यादा था। पांच हजार में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है।

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वजन पर कंट्रोल रखना सभी लोगों के हाथ में नहीं होता है 

रिसर्चर का कहना है, वजन केवल आलस का मामला नहीं है। लोगों की बॉडी साइज कई फेक्टर पर डिपेंड होती है। इसमें से कुछ पर आपका कंट्रोल होता है और अन्य पर नहीं हो पाता है। खाने पर कंट्रोल करने से मोटापा कम कर सकते हैं पर जेनेटिक फैक्टर में यह संभव नहीं है। इसपर रिसर्च जारी है।

जीन मोटापे को प्रभावित करने वाले अन्य फैक्टर

  • लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें
  • नींद
  • दवाएं
  • हेल्थ प्रॉब्लम्स
  • वातावरण

ये भी पढ़ें-  कैल्शियम की कमी से शरीर पर क्या-क्या असर हो सकता है?

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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