Fatty Liver Problems In Children: लिवर की समस्या सिर्फ बड़ों को ही परेशान नहीं करती है बल्कि छोटे बच्चों में भी देखने को मिलती है। इसका कारण आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान, जिनमें ज्यादातर जंक फूड को बच्चे खाते हैं। जंक फूड के साथ-साथ मीठे का सेवन करने से भी बच्चों में फैटी लिवर का कारण बन सकता है। इसके अलावा पैक्ड फूड वाले प्रोडक्ट्स को ज्यादा खाने से भी बच्चों के लिवर में फैट बढ़ सकता है, क्योंकि इसमें एडेड शुगर होता है। चीनी एक ऐसा कारण है, जो लिवर के अंदर फैट में चेंज हो जाता है। ओवरवेट बच्चे या बड़ों में ये फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसे प्री एग्जिस्टिंग कंडीशन की वजह से मेटाबोलाइज्ड नहीं हो पाता है। वैसे देखा जाए तो फैटी लिवर को शराबियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन जो लोग नहीं भी पीते हैं, इनमें यह समस्या ‘नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज’ (NAFLD) के नाम से जानी जाती है।
क्यों बढ़ रही है फैटी लिवर की बीमारी?
बच्चों में एक्सरसाइज की कमी, आराम न करना और जंक फूड ज्यादा खाना उनके बढ़ते मोटापे की तरफ इशारा करता है। 25 से ज्यादा बॉडी मास इंडेक्स वाले बच्चों में फैटी लिवर का ज्यादा चांस होता है। बच्चों को फैटी लिवर के बारे में सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा 1 साल तक के बच्चों को नमक और दो साल तक के बच्चों को चीनी न खिलाएं। किसी भी पैरेंट्स को फैटी लिवर का तब तक पता नहीं चलता है, जब तक बच्चा कोई शिकायत लेकर नहीं आता है। क्योंकि फैटी लिवर की शुरुआत में इसके लक्षण दिखते नहीं हैं। इसलिए पैरेंट्स इसे लेकर इतना सीरियस नहीं होते हैं।
बच्चों में फैटी लिवर की समस्या का मुख्य कारण जीवनशैली और खानपान में बदलाव है। समय रहते अगर पेरेंट्स इन 5 बातों का ध्यान रखें, तो इस समस्या से बचा जा सकता है..
हेल्दी डाइट
बच्चों के खानपान में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन रिच डाइट शामिल करें। तली-भुनी चीजों, फास्ट फूड, चीनी वाले ड्रिंक्स और जंक फूड से बचें।
रेगुलर एक्सरसाइज
बच्चों को रोजाना कम से कम 1 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए कहें, जैसे कि खेलना, दौड़ना, साइकिल चलाना आदि। ज्यादा समय तक स्क्रीन के सामने बैठने से बचाएं।
हेल्दी वजन बनाए रखें
बच्चों का वजन उनके उम्र और ऊंचाई के अनुसार बैलेंस बनाकर रखें। इसके लिए न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लें। वजन बढ़ने या घटने पर तुरंत ध्यान दें और उसके कारणों को समझने की कोशिश करें।
रेगुलर मेडिकल चेकअप
बच्चों की रेगुलर रूप से मेडिकल जांच कराएं, जिसमें लिवर की जांच भी शामिल होनी चाहिए। अगर कोई समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
पानी भरपूर पिएं
बच्चों को पानी पीने की आदत डालवाएं। क्योंकि यह शरीर से वेस्ट चीजों को बाहर निकालने में हेल्प करता है और लिवर को हेल्दी रखता है। इसके अलावा ताजे फलों का रस, नारियल पानी आदि पिएं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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