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70 साल की महिला के दिल में लगी 'हाथी की सूंड', ऑपरेशन के बाद कहा- थैंक्यू 'मोदी जी'

Doctor Replace Artery with Frozen Elephant Trunk : डॉक्टरों ने 70 साल की एक महिला के दिल में ‘हाथी की सूंड’ लगाई है। किसी भी महिला के दिल के ऑपरेशन का ऐसा अजीब मामला सामने आया है। ऑपरेशन के बाद महिला ने ‘मोदी जी’ को धन्यवाद कहा है।

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ऑपरेशन के दौरान ही महिला की तबियत बिगड़ गई थी।

Doctor Replace Artery with Frozen Elephant Trunk : डॉक्टरों ने 70 साल की ब्रिटिश महिला जीनेट के एक हाई-रिस्क सर्जरी करते हुए उनके दिल में ‘हाथी की सूंड’ लगाई है। ‘हाथी की सूंड’ काे फ्रोजन एलिफेंट ट्रंक (FET) कहते हैं। दरअसल, यह एक सिंथेटिक ट्यूब होती है जो एनिमल टिश्यू से बनी होती है। जिस महिला के दिल में FET लगाई गई, उनके दिल की धमनी (Aorta) काफी खराब हो गई थी। यह शरीर की सबसे बड़ी धमनी होती है। इसके खराब होने से एक वाल्व सही से काम नहीं कर रहा था और ब्लड का फ्लो पूरी बॉडी में सही से नहीं हो रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसी स्थिति में उस महिला का दिल ‘टाइम बम’ की तरह हो गया था। ऐसी स्थिति में महिला को दिल कभी भी काम करना बंद कर सकता था।

भारतीय ने किया इलाज

जीनेट का इलाज डॉक्टरों की जिस टीम ने किया उस टीम को भारतीय डॉक्टर अमित मोदी ने लीड किया था। डॉ. मोदी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वह अब साउथहैम्प्टन में कार्डियक सर्जन हैं। सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह ठीक है। उसने डॉ. मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह उनका हमेशा आभारी रहेंगी। उन्होंने मुझे मेरा जीवन वापस दिया है।

बेहद कठिन थी सर्जरी

BBC से बातचीत में डॉ. मोदी ने कहा कि जीनेट के हार्ट की सर्जरी काफी मुश्किल थी। सर्जरी के दौरान उनके दिल से धमनी को निकालना और उसकी जगह दूसरी धमनी लगाना था। डैमेज धमनी की जगह सिंथेटिक ट्यूब लगाई गई। इस ट्यूब को ‘फ्रोजन एलिफेंट ट्रंक’ यानी हाथी की फ्रिज की हुई सूंड भी कह देते हैं। यह ट्यूब एनिमल टिश्यू से बनी होती है। डॉ. मोदी ने बताया कि ऑपरेशन पूरे दिन चला था। यह कोई रुटीन ऑपरेशन नहीं, बल्कि हाई रिस्क ऑपरेशन था।

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आर्टिफिशियल हार्ट का किया इस्तेमाल

दिल से जुड़ी इस आर्टरी को निकालने के दौरान दिल को रोकना जरूरी था। ऐसे में जीनेट के शरीर को एक हार्ट-लंग बायपास मशीन से जोड़ा गया जो ब्लड और ऑक्सीजन को पूरी शरीर में फ्लो करती है। इस मशीन को आर्टिफिशियल हार्ट भी कह सकते हैं। यह सर्जरी 8 महीने पहले हुई थी और अब जीनेट काफी अच्छे से रीकवर कर रही हैं।

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