Private Part Surgery Instead Of Leg : सरकार अस्पतालों की स्थिति की पोल एक सरकारी रिपोर्ट ने खाेल दी है। सुविधाओं का अभाव किस कदर है, इसका उदाहरण महाराष्ट्र के एक सरकारी अस्पताल में देखने को मिला है। यहां 9 साल के एक बच्चे के प्राइवेट पार्ट की सर्जरी कर दी गई, जबकि उसे पैर की सर्जरी होनी थी। मामला सामने आने के बाद इस पर लीपापोती की कोशिश की गई, लेकिन बच्चे के पैरेंट्स ने अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है।
पहले जानें अस्पतालों की स्थिति
सरकार की तरफ से किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि देश के 80 फीसदी सरकारी अस्पतालों में इलाज की बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक अस्पतालों में इलाज करने वाली मशीन, इलाज के लिए काम आने वाले यंत्र, नर्स, मैनपावर और दूसरी चीजों की भारी कमी है। सर्वे से मिली रिपोर्ट सरकारी संस्था नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत आने वाले सरकारी अस्पतालों की हालत बताती है। बता दें कि NHM सरकार की एक अहम योजना है। इसके तहत देश भर के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य सेंटर्स आते हैं।
बच्चे के पैरेंट्स ने अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
अब बात बच्चे की सर्जरी की
9 साल के इस बच्चे की सर्जरी महाराष्ट्र के थाणे जिले में आने वाले शाहपुर के एक सिविल अस्पताल में की गई। यह भी एक सरकारी अस्पताल है। इस मामले में अस्पताल ने बच्चे के पैरेंट्स की शिकायत पर एक जांच कमेटी बनाई है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि उनसे जो भी हुआ, वह एक कंफ्यूजन की वजह से हुआ।
यह है मामला
बच्चे के पैरेंट्स ने बताया कि उनका बेटा पिछले महीने अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल में उसके पैर में चोट लग गई थी और एक कट लग गया था। इस कट के पास इन्फेक्शन हो गया। ऐसे में उसे अस्पताल ले जाया गया। बच्चे को 15 जून को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पैरेंट्स ने बताया कि स्वप्निल नाम के डॉक्टर ने बच्चे का ऑपरेशन किया था।
जब बच्चे को ऑपरेशन थिएटर से लाया गया तो बच्चे ने बताया कि डॉक्टरों ने उसके पैर की जगह प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर दिया है। जब डॉक्टरों को इस बारे में बताया गया तो वे बच्चे को फिर से ऑपरेशन थिएटर में ले गए और उसके पैर का ऑपरेशन किया। जब पैरेंट्स ने डॉक्टरों से ऑपरेशन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि सब कुछ सही हो जाएगा।
दर्ज कराई शिकायत
पैरेंट्स ने बच्चे को घर ले जाने से मना कर दिया और मांग की कि डॉक्टर इस बात को लिखित में दें कि बच्चे को कुछ नहीं होगा। हंगामा बढ़ने के बाद अस्पताल के हेल्थ ऑफिसर गजेंद्र पवार ने कहा कि बच्चे के पैर में इन्फेक्शन के अलावा प्राइवेट पार्ट में फिमोसिस की भी समस्या थी। यही कारण उसके प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन किया गया। वहीं डॉक्टरों का कहना था कि उस समय अस्पताल में बच्चे की उम्र के तीन और मरीज थे। इस कारण कुछ कंफ्यूजन बना।
यह भी पढ़ें : बारिश के बाद बढ़ता है इन 5 बीमारियों का खतरा! क्या-क्या बरतें सावधानियां
संबंधित खबरें
हाथ-पैर पर दिखने वाली गांठ कैंसर की है या नहीं कैसे पता चलेगा
21 hrs agoक्या कैंसर परिवार में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता है? जानिए पूरी सच्चाई
23 hrs agoविटामिन B12 की कमी से शरीर में क्या होता है? बॉडी में दिख सकते हैं ये लक्षण
1 day agoहाई बीपी से लेकर डायबिटीज तक, ये बीमारियां बढ़ा सकती हैं स्ट्रोक का खतरा
1 day agoशुगर के मरीज क्या रख सकते हैं व्रत? मीठा खाया तो क्या होगा
1 day agoमौसम बदलते ही पड़ जाते हैं बीमार? जानिए इसके पीछे की असली वजह
2 days agoपीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स को न करें इग्नोर, शरीर के ये संकेत हैं गंभीर
2 days agoब्रेन ट्यूमर में कैसा होता है सिरदर्द, डॉक्टर ने बताए लक्षण और इलाज
2 days agoकरवा चौथ पर निर्जला व्रत रखते हैं? शरीर के इन संकेतों को न करें इग्नोर
2 days agoअंडाशय के कैंसर में महिलाओं को पेट के आस-पास होती हैं ये 3 दिक्कतें
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines