टाइप 4 डायबिटीज क्या है?
टाइप 4 डायबिटीज का खतरा बुजुर्गों को ज्यादा रहता है। अधिकतर मामलों में 60 साल की उम्र के बाद बॉडी में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण डायबिटीज जैसी बीमारियां होने लगती हैं। जो लोग दुबले-पतले होते हैं और उम्र भी ज्यादा है, उन्हें टाइप 4 डायबिटीज का जोखिम रहता है। डायबिटीज टाइप 4 की सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र को माना जाता है। इसे लेकर चूहों पर भी एक रिसर्च की थी, जिसमें पता चला कि टाइप 4 डायबिटीज इम्यून सेल्स (Immune Cells) के ओवर प्रोडक्शन की वजह से होती है।टाइप 4 डायबिटीज के लक्षण
डायबिटीज के लक्षण ज्यादातर नॉर्मल होते हैं। टाइप 4 डायबिटीज के लक्षण भी अन्य डायबिटीज की तरह ही हैं। बस फर्क सिर्फ इतना है कि ये डायबिटीज कम वजन के लोगों को होता है।टाइप 4 डायबिटीज का इलाज?
फिलहाल टाइप 4 डायबिटीज पर कई तरह की रिसर्च हो रही हैं। टाइप 4 डायबिटीज का कोई पक्का इलाज नहीं मिल पाया है। रिसर्चर के अनुसार, जल्द ही एंटीबॉडी मेडिसिन तैयार कर ली जाएंगी, जिससे शरीर में रेगुलेटरी टी सेल्स को कम करने में हेल्प मिलेगी। इस तरह टाइप 4 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में हेल्प मिलेगी। ये भी पढ़ें- घोड़े की तरह ताकतवार बना देता है भुना चना! इन 7 बीमारियों में भी फायदेमंद
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।