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डिमेंशिया के मरीजों के लिए रेड मीट और बटर कितना फायदेमंद? रिसर्च में आए चौंकाने वाले नतीजे

Fats and Dementia Risk: एक स्टडी से पता चलता है कि मक्खन, अंडे और लाल मांस में पाए जाने वाले एफएटीएस (FATS) आपके डिमेंशिया के जोखिम को कम कर सकते हैं।

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Image Credit: Freepik

Fats and Dementia Risk: जिन बुजुर्गों के खून में ट्राइग्लिसराइड (Triglyceride) का लेवल ज्यादा था, उनमें आधी मात्रा वाले लोगों की तुलना में घातक स्थिति होने की संभावना 18 % कम थी। फैट- जो खाना पकाने के तेल में भी पाई जाती है। दिमाग के मुख्य ऊर्जा स्रोतों में से एक है। मेलबर्न में मोनाश यूनिवर्सिटी के डॉ. जेन झोउ ने कहा कि हाई ट्राइग्लिसराइड का लेवल बेहतर स्वास्थ्य और जीवनशैली व्यवहार को प्रतिबिंबित (Reflect) कर सकता है जो डिमेंशिया से बचाएगा। ट्राइग्लिसराइड का लेवल वृद्ध आबादी में डिमेंशिया के जोखिम और गिरावट के लिए एक उपयोगी भविष्यवक्ता के रूप में काम कर सकता है।

वर्तमान में लगभग 944,000 ब्रितानी डिमेंशिया से पीड़ित हैं और एक्सपर्ट का अनुमान है कि दशक के आखिर तक यह संख्या दस लाख से ज्यादा हो जाएगी। अल्जाइमर इस स्थिति का सबसे आम रूप है और माना जाता है कि यह दिमाग में ताऊ और अमाइलॉइड (Amyloid) सहित प्रोटीन के निर्माण के कारण होता है। वर्तमान में इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, हालांकि इसकी गति को धीमा करने वाली तीन दवाएं वर्तमान में परीक्षण में हैं।

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इस बीच, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपनी जीवनशैली में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देना इस बीमारी से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है। ट्राइग्लिसराइड्स फूड्स में पाए जाने वाले फैट है और लिवर द्वारा प्रोड्यूस होते हैं जो खून के माध्यम से चलते हैं और ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं या शरीर में फैट के रूप में जमा होते हैं। हाई लेवल खतरनाक हो सकता है, जिससे घातक हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और पैंक्रियाटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। न्यूरोलॉजी में प्रकाशित लेटेस्ट रिसर्च में देखा गया कि लेवल डिमेंशिया के जोखिम को कैसे प्रभावित करते हैं।

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रिसर्चरों ने यूके, यूएस और ऑस्ट्रेलिया में 65 साल और उससे ज्यादा आयु के 86,000 से अधिक एडल्ट के डेटा को देखा गया। स्टडी की शुरुआत में किसी को भी डिमेंशिया नहीं था और एवरेज 12.5 सालों के बाद 2,778 में यह विकसित हुआ। सामान्य से उच्च-सामान्य सीमा के भीतर हाई ट्राइग्लिसराइड लेवल पूरे ग्रुप में कम डिमेंशिया के जोखिम से जुड़े थे। डॉ झोउ ने कहा कि यह जांचने के लिए भविष्य में स्टडी की जरूरत है कि ट्राइग्लिसराइड्स के भीतर स्पेसिफिक कॉम्पोनेंट बेहतर काम को बढ़ावा दे सकते हैं या नहीं।

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