Brain Stroke Causes by Delhi Pollution: हर साल की तरह इस साल भी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर बरप रहा है. सर्दियां शुरू होते ही राजधानी में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाता है कि लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. मगर अब डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों या दिल को नहीं बल्कि हमारे दिमाग को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है. फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर विनीत बंगा बताते हैं कि प्रदूषण वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ कमजोर हो रही है और ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रही है.
क्यों खतरनाक है यह हवा?
इस समय दिल्ली की हवा में सूक्ष्म कण, खासकर PM2.5 और PM10 मौजूद हैं. ये इतने छोटे कण होते हैं कि सांस के जरिए खून में पहुंच जाते हैं. इसके बाद खून से ये कण सीधे दिमाग तक पहुंचकर दिमाग की नसों में सूजन पैदा करते हैं. इससे दिमाग के सेल्स धीरे-धीरे मरने लगते हैं. यही वजह है कि प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों में स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है, यहां के लोगों को किसी भी काम में ध्यान लगाने में दिक्कत होती है और मानसिक थकान जैसी समस्याएं होती हैं.
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प्रदूषण से ब्रेन स्ट्रोक का बढ़ रहा खतरा!
डॉक्टर बंगा बताते हैं कि कई मेडिकल रिसर्च में पाया गया है कि लंबे समय तक प्रदूषण में रहने वाले लोगों को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. हवा में मौजूद जहरीले तत्व ब्लड वेसल्स को कठोर बना देते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करते है, जिससे किसी भी इंसान को अचानक स्ट्रोक आ सकता है. इतना ही नहीं डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में दिल्ली और एनसीआर में स्ट्रोक के मामलों में 20-30% तक बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी का कारण पॉल्यूशन ही है.
ब्रेन स्ट्रोक के संकेत। Symptoms of Brain Stroke
- आवाज में बदलाव.
- अचानक एक तरफ का चेहरा टेढ़ा हो जाना.
- मुंह से झाग या पानी भरना.
- शरीर के किसी हिस्से का सुन्न पड़ना.
- देखने में परेशानी महसूस करना.
प्रदूषण से होने वाली अन्य बीमारियां कौन सी हैं?
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि बहुत अधिक प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों को अल्जाइमर, मेमोरी लॉस, डिप्रेशन और एंग्जाइटी के साथ स्ट्रेस लेने की समस्या बढ़ जाती है. गर्भवती महिलाओं को प्रदूषण में रहने से उनके गर्भ में पल रहे शिशुओं को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझना पड़ता है. इस बीमारी में उन्हें पेट से न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने लगती हैं.
प्रदूषण से खुद को कैसे बचाएं?
- सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें.
- घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं.
- अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें.
- बच्चों और बुजुर्गों को स्मॉग वाले दिनों में घर से बाहर न निकलने दें.
- फोन का इस्तेमाल कम करें क्योंकि प्रदूषण के प्रकोप से पहले ही दिमाग पर असर पड़ता है और फोन की स्क्रीन से नुकसान ज्यादा हो सकता है.
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