Covid Alert: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना धीरे-धीरे विकराल रूप ले रहा है। पिछले हफ्ते यहां कोविड-19 के महज 23 एक्टिव मरीजों की पु्ष्टि की गई थी, जो अब बढ़कर 104 हो गई हैं। ऐसे में दिल्ली के लोगों को लिए ज्यादा सावधानि बरतने का समय आ गया है। आपको बता दें कि दिल्ली में कोरोना के 2 नए स्ट्रेन भी मिले हैं, जिन्हें एनबी.1.8.1 और एलएफ.7 बताया जा रहा है। ये दोनो वेरिएंट ओमिक्रोन के सब-वेरिएंट हैं। आइए जानते हैं इस पर डॉक्टर क्या कहते हैं।
दिल्ली सरकार अलर्ट पर
दिल्ली में फिर कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी का कारण JN.1 नाम वेरिएंट है, जो ओमिक्रॉन का ही एक उप-प्रकार है। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने अलर्ट भी जारी किया है और अस्पतालों में सभी प्रकार आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
फोर्टिस अस्पताल के डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया, इस समय दिल्ली में कुल 104 कोविड केस दर्ज किए जा चुके हैं। ये JN.1 वेरिएंट की वजह से हो रहे हैं, जो ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण पैदा करता है। इसमें गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम जैसे शुरुआती संकेत देखे जाते हैं। देश में ज्यादातर लोगों ने वैक्सीन और बूस्टर डोज ली है, इसलिए इसका असर कम है, लेकिन सावधानी जरूरी है।
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि भले ही ये वैरिएंट गंभीर नहीं है, लेकिन हमें लापरवाह नहीं होना चाहिए। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़ से दूरी बनाना इस समय सभी के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।
अन्य एक्सपर्ट क्या बोले?
आकाश हेल्थकेयर की डॉ. हरप्रीत कौर ने कहा, हमने अपने अस्पताल में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, PPE किट्स और दवाओं का स्टॉक अपडेट कर लिया है। स्टाफ को दोबारा कोविड प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अलग कोविड वार्ड भी तैयार किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें : Covid-19 Alert: कोरोना के नए वेरिएंट में कौन-कौन से लक्षण? देश में फिर बढ़ने लगे केस
जांच से न घबराएं
सिटी एक्स-रे एंड स्कैन क्लिनिक की डॉ. सुनीता कपूर ने बताया कि अस्पतालों में भी जांच की सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। “हमने सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था को बेहतर किया है और लैब की टीमें पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही सभी जांच केंद्रों में सेनिटाइजेशन का काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में सभी लोगों से अपील की जाती है कि अगर एक भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो वह तुरंत नजदीकी टेस्टिंग सेंटर पर जाकर कोरोना टेस्ट करवाएं। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर भी 1 हफ्ते के लिए स्वयं को आइसोलेट करें।
गर्भवती महिलाएं रखें खास ख्याल
दिल्ली बेस्ड गायनोकोलोजिस्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज बताती है कि संक्रमण का रिस्क गर्भवती महिलाओं को भी ज्यादा है। इसलिए, उन्हें सलाह दी जाती है कि घबराएं नहीं, बस साफ-सफाई का ध्यान रखें और अगर कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
कुछ जरूरी नियमों का पालन जरूरी
- मास्क सभी के लिए अनिवार्य।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
- बूस्टर डोज और वैक्सीन जरूर लगवाएं।
- हाथों को धोएं और अपने साथ सेनिटाइजर कैरी करें।
- बच्चे-बूढ़ें और गर्भवती महिलाएं बिना कारण घर से बाहर न जाएं।
ये भी पढ़ें- Covid Alert: भारत में क्यों बढ़ने लगे कोरोना के केस? राज्यों में हेल्थ एडवाइजरी जारी
संबंधित खबरें
आखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
3 hrs agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
5 hrs agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
8 hrs agoसोने के वक्त क्यों याद आते हैं बॉस के ताने और अधूरे काम? ऐसे मिलेगी राहत
9 hrs agoव्रत रख रहे हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां, हो सकता है नुकसान
12 hrs agoछोटी बात पर रोने या डरने लगता है बच्चा? कहीं एंग्जायटी का शिकार तो नहीं
1 day agoडायबिटीज के मरीज नवरात्रि में भूखे रहें या नहीं? जानिए व्रत रखते वक्त क्या
1 day agoसर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? अक्सर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर
1 day agoकैसे पता चलेगा आप या आपका कोई अपना हो गया है डिप्रेशन का शिकार?
1 day agoआखिर ट्रीटमेंट के बाद भी क्यों लौट आता है कैंसर? एक्सपर्ट जानिए वजह
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines