Arthritis Pain Causes: अर्थराइटिस जिसे हम आम भाषा में गठिया बोलते हैं। यह एक बहुत ही गंभीर परेशानी है जो सर्दियों के मौसम में काफी ज्यादा बढ़ती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंड का मौसम जोड़ों के टिश्यू पर प्रभाव डालता है। इसके अलावा, सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम होने से मसल्स में कमजोरी आती है, जिससे जोड़ों पर प्रेशर बढ़ सकता है। सर्दी का सामना करने के लिए हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम भी ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिसका रिस्पॉन्स सूजन और दर्द के रूप में सामने आ सकता है।
गठिया हर उम्र के लोगों को असर कर सकता है, लेकिन बड़ी उम्र में यह ज्यादा गंभीर हो सकता है। बड़े बुजुर्गों में जोड़ ज्यादा सेंसिटिव होते हैं और मौसम के बदलावों के प्रति ज्यादा रिएक्टिव होते हैं। इसके अलावा, खान-पान और जीवनशैली में बदलावों की वजह से अब कम उम्र में भी गठिया के मामले बढ़ रहे हैं।
गठिया की बीमारी क्यों होती है?
अगर आपकी जीवनशैली ठीक नहीं है यानी कि आप सही टाइम पर सोते या उठते नहीं हैं और हेल्दी डाइट फॉलो नहीं करते हैं, एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो आपको गठिया की बीमारी का खतरा रहता है। गठिया की बीमारी एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसका मतलब है कि जो इम्यून सिस्टम आपकी सुरक्षा करता है। वही, आपके जॉइंट्स को स्ट्रांग रखने वाले टिश्यू पर अटैक करने लगता है, इससे जोड़ों में सूजन, अकड़न और दर्द होता है। अगर फैमिली में पहले से ही किसी को गठिया है तो आपको भी गठिया की बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें- Periods में एक्सरसाइज करना कितना सही? क्या कहते हैं एक्सपर्ट
गठिया की बीमारी होने का कारण
- मोटापा
- मेनोपॉज
- हार्मोनल उतार-चढ़ाव
कुछ लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए
- जोड़ों में अकड़न
- जोड़ों में दर्द बढ़ना
- सूजन आना
कैसे करें बचाव
गर्म रहें
सर्दियों के मौसम में गठिया के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसलिए, गर्म कपड़े पहनें और अपनी बॉडी को गर्म रखें। खासकर सुबह और शाम के टाइम जोड़ों को कवर करके रखें।
एक्सरसाइज
जोड़ों को एक्टिव रखने और मांसपेशियों को स्ट्रांग बनाने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें। इसके लिए तैराकी, पैदल चलना और योग करना बेहतर रहेगा।
थेरेपी
गठिया के शुरुआती लक्षणों में गर्म और ठंडी थेरेपी ले सकते हैं, इससे जोड़ों की जकड़न और सूजन कम करने में हेल्प मिलती है।
ये भी पढ़ें- World Cup 2023: फिट होने के बाद भी खिलाड़ियों को क्यों आते हैं क्रैम्प, क्या है वजह
गठिया के दर्द से राहत दिलाएंगे घरेलू नुस्खे
हल्दी का सेवन
हल्दी गठिया के लिए बहुत ही गुणकारी है। हल्दी को नारियल या सरसों के तेल में मिलाकर जहां दर्द हैं, वहां लेप लगा सकते हैं। इससे धीरे-धीरे दर्द में राहत मिलना शुरू हो जाएगी।
लहसुन तेल
लहसुन में पाया जाने वाला डायलिल डाइसल्फाइड एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। लहसुन को सरसों के तेल में पका कर उस तेल को जोड़ों पर मालिश कर सकते हैं, इससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है।
अदरक
गठिया के दर्द में अदरक भी बेहद गुणकारी माना जाता है। अगर अदरक का पेस्ट जोड़ों पर लगा सकते हैं या दिन भर सेवन करने से भी गठिया के मरीजों को फायदा मिलता है।
गर्म पानी से सिकाई
हॉट वाटर बैग या पानी गर्म में किसी भी कपड़े से जोड़ों की सिकाई कर सकते हैं। गठिया से आई सूजन में सिकाई करने से काफी हद तक कमी हो सकती है और दर्द से भी आराम मिल जाता है।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
दुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यहां जानिए किस तरह बढ़ाएं वजन
1 hr agoक्या मुंह में छाले होने का कारण कैंसर है? जानें कब हो सकती है बीमारी
2 hrs agoआखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
16 hrs agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
18 hrs agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
20 hrs agoसोने के वक्त क्यों याद आते हैं बॉस के ताने और अधूरे काम? ऐसे मिलेगी राहत
21 hrs agoव्रत रख रहे हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां, हो सकता है नुकसान
1 day agoछोटी बात पर रोने या डरने लगता है बच्चा? कहीं एंग्जायटी का शिकार तो नहीं
1 day agoडायबिटीज के मरीज नवरात्रि में भूखे रहें या नहीं? जानिए व्रत रखते वक्त क्या
1 day agoसर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? अक्सर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines