Shatrujeet Singh Kapoor: आखिरकार हरियाणा पुलिस को उसका मुखिया मिल गया है। मोहम्मद अली और रमेश चंद्र मिश्रा पर बढ़त बनाकर सीएम मनोहर लाल का विश्वास जीतते हुए शत्रुजीत सिंह ने हरियाणा का पुलिस महानिदेशक का पद हासिल किया है। बता दें कि हरियाणा में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जुलाई महीने में गठित कमेटी को 9 आइपीएस अधिकारियों के नाम प्रस्तावित किए थे। नूंह में हुए बवाल के साथ-साथ उनके समक्ष कई नई चुनौतियां भी हैं, जिन पर उन्हें खरा उतरना है। आइये जानते हैं शत्रुजीत सिंह और उनकी खूबियों के बारे, जिसकी वजह से मनोहर लाल सरकार ने उन्हें डीजीपी बनाया है।

तेजतर्रार आइपीएस हैं नए डीजीपी

1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह को बेहद तेजतर्रार अधिकारी माना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि वह बेहद सख्त मिजाज अधिकारी हैं और ईमानदारी से काम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश स्तर पर पुलिस महकमे में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वह अपनी करीबी लोगों को नई टीम में शामिल कर सकते हैं।

मनोहर की हैं पहली पसंद 

गौरतलब है कि शत्रुजीत सिंह को मुख्यमंत्री मनोहर लाल का बेहद करीबी माना जाता है। ऐसे में कुछ महीने से यह बात सामने रही थी कि हरियाणा का नया पुलिस महानिदेशक शत्रु जीत सिंह को ही नियुक्त किया जाएगा और आखिकार ऐसा ही हुआ। वहीं, हरियाणा बिजली वितरण निगम में वह कई अहम पदों पर तैनात रहे और इस दौरान किए गए उनके कामों की तारीफ अब भी लोग करते हैं। आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह तेजतर्रार अधिकारी तो हैं, ही साथ ही उनका ट्रैक रिकार्ड भी बेहद शानदार रहा है। यही वजह है कि पीके अग्रवाल के 15 अगस्त को रिटायर होते है शत्रुजीत सिंह कपूर को हरियाणा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त कर दिया गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के डीजी के पद पर तैनात रहने के दौरान भी उन्होंने शानदार काम किया था।

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