Samudrik Shastra: हस्तरेखा विज्ञान और सामुद्रिकी शास्त्र में केवल हाथ की हथेलियों और उंगलियों का ही नहीं बल्कि नाखूनों का भी अध्ययन किया जाता है। नाखूनों की बनावट, रंग और उस पर पाए जाने वाले निशानों से किसी जातक (व्यक्ति) के भाग्य, स्वास्थ्य, स्वभाव और जीवनशैली के बारे में सटीक भविष्वाणी की जा सकती है। यहां चर्चा का विषय नाखून पर पाए जाने वाला एक विशेष निशान है, जिसे सामुद्रिकी शास्त्र में 'चंद्रमा' कहा गया है। यह नाखून की जड़ के पास नाखून के सामान्य रंग से थोड़े सफेद रंग का उगते हुए चंद्रमा की तरह होता है। प्रायः इसे धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन हर उंगली पर इस निशान के अलग-अलग अर्थ होते हैं।
अंगूठे पर चंद्रमा: अंगूठे की जड़ के पास पर सफेद चंद्रमा का निशान जातक को धन, संपत्ति और यश देता है। ऐसे व्यक्ति सफल व्यापारी, लेखक और कलाकार होते हैं।
तर्जनी उंगली पर चंद्रमा: इस उंगली की जड़ के पास चंद्रमा होना इस बात का प्रतीक है कि व्यक्ति बुद्धिमान और विवेकशील है और वे जीवन में प्रसिद्ध पाएंगे। उनके विचारों को समुदाय और समाज में महत्व प्राप्त होता है।
मध्यमा उंगली पर चंद्रमा: इस उंगली पर चंद्रमा होने का अर्थ है, जातक का जीवन सुख, समृद्धि और वैभव से परिपूर्ण होगा और उनके पास भौतिक सुखों की कभी कोई कमी नहीं होगी।
अनामिका उंगली पर चंद्रमा: इस उंगली पर चंद्रमा होना अन्य उंगलियों की अपेक्षा थोड़ा अलग अर्थ रखता है। यहां चंद्रमा यह मोक्ष और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। ऐसे व्यक्ति कम में भी खुश और संतुष्ट रहते हैं।
कनिष्ठा उंगली पर चंद्रमा: कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली पर सफेद चंद्रमा होना कला, कौशल और बुद्धि का प्रतीक है। ऐसे व्यक्ति काफी बुद्धिमान होते हैं। वे कलाजगत में धन और नाम दोनों कमाते हैं।