Trump Trade Tariffs India: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते आने वाले समय में भारत को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। महंगाई दर के भी तेजी से बढ़ने की आशंका है। जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू का कहना है कि अमेरिका संतुलित द्विपक्षीय व्यापार पर जोर दे रहा है और पारस्परिक टैरिफ की धमकी दे रहा है, इससे भारत को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे पड़ेगा असर
वेम्बू ने आगे कहा कि भारत अमेरिका को सॉफ्टवेयर सेवाएं निर्यात करता है और चीन से उपभोक्ता सामान आयात करता है। अमेरिका के साथ सरप्लस चीन के साथ घाटे से अधिक है। भारत को जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित करने के लिए अमेरिका से पहले से अधिक iPhone, GPU, LPG, परमाणु संयंत्र, लड़ाकू विमान, व्हिस्की आदि आयात करना होगा। यह एडजस्टमेंट भारत के चालू खाता घाटे पर दबाव डाल सकता है जब तक कि घरेलू उत्पादन में तेजी से वृद्धि न हो।
ऐसे बढ़ेगी महंगाई
वेम्बू ने कहा कि चालू खाता घाटे को बढ़ने से रोकने के लिए भारत को चीन से उपभोक्ता वस्तुओं के आयात को कम करने के तरीके खोजने होंगे, और इसका मतलब है घरेलू उत्पादन बढ़ाना। चूंकि यह रातोंरात नहीं हो सकता, इसलिए अल्पावधि में आयातित उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिनसे महंगाई बढ़ना लाजमी है। बता दें कि कोरोना महामारी के बाद से अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस काफी बढ़ गया है। 2019-20 में 17.30 अरब डॉलर से दोगुना होकर 2023-24 में यह 35.33 अरब डॉलर हो गया है। इस बदलाव के साथ एक्सपोर्ट बास्केट में भी उल्लेखनीय बदलाव हुआ है।
चीन टॉप सोर्स
वित्त वर्ष 2024 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 85.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल और अक्टूबर 2024 के बीच चीनी आयात में साल-दर-साल 9.8% की वृद्धि हुई। चीन भारत का टॉप इम्पोर्ट सोर्स बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्यापार असंतुलन को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने शनिवार को एक पोस्ट में घोषणा की कि अमेरिका पारस्परिक टैरिफ लगाएगा, जिसका अर्थ है कि जो भी देश संयुक्त राज्य अमेरिका से शुल्क वसूलेगा, हम उनसे शुल्क लेंगे – न अधिक, न कम!
कारों का जिक्र
हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कई अमेरिकी वस्तुओं पर भारत की उच्च टैरिफ दरों की ओर भी इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि भारत कई वस्तुओं पर 30, 40, 60 और यहां तक कि 70 प्रतिशत टैरिफ लगाता है। कुछ मामलों में, इससे भी कहीं अधिक। भारत जाने वाली अमेरिकी कारों पर 70 प्रतिशत टैरिफ उन कारों को बेचना लगभग असंभव बना देता है।
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जताई है सहमति
PM मोदी की यात्रा के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा लगभग 100 अरब डॉलर है। प्रधानमंत्री मोदी और मैं इस बात पर सहमत हुए हैं कि हम लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को दूर करने के लिए बातचीत करेंगे। हम घाटे के अंतर को बहुत आसानी से तेल और गैस, एलएनजी की बिक्री से पूरा कर सकते हैं, जो हमारे पास दुनिया में किसी से भी अधिक है।
सादगी है पहचान
श्रीधर वेम्बू अपनी सादगी के लिए पहचाने जाते हैं। तमिलनाडु की एक मिडिल क्लास फैमिली में जन्मे वेम्बू आईआईटी मद्रास से 1989 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद पीएचडी के लिए अमेरिका चले गए थे। वह उनकी अच्छी नौकरी भी लग गई थी, लेकिन वेम्बू सब कुछ छोड़कर भारत लौटे और यहां अपनी कंपनी शुरू की। अपने अपने गांव से ही जोहो (Zoho) की शुरुआत की, जो सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस सर्विस प्रोवाइड करती है। वेम्बू को ज्यादातर साइकिल पर घूमते देखा जा सकता है।
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