WhatsApp Ban ChatGPT Perplexity AI: अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो ChatGPT को WhatsApp पर इस्तेमाल करने के आदी हो चुके थे, तो अब आपके लिए यह सुविधा खत्म हो चुकी है. WhatsApp ने ऑफिशियल तौर पर साफ कर दिया है कि ChatGPT और Perplexity AI जैसे जनरल-पर्पस AI चैटबॉट्स को अब उसके प्लेटफॉर्म पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी. यानी आज से WhatsApp पर ChatGPT से बातचीत करना संभव नहीं रहा.
अचानक नहीं, पहले से तय था फैसला
यह फैसला भले ही यूजर्स के लिए चौंकाने वाला हो, लेकिन यह अचानक नहीं लिया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक WhatsApp ने महीनों पहले अपने Business API की पॉलिसी में चुपचाप बदलाव किया था. इस नई पॉलिसी के तहत LLM यानी बड़े भाषा मॉडल पर आधारित AI चैटबॉट्स को प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया गया. इसी वजह से ChatGPT का WhatsApp नंबर अब काम नहीं कर रहा है और यूजर्स को ऐप या वेब वर्जन पर जाने का मैसेज दिख रहा है.
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OpenAI ने भी की पुष्टि
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OpenAI ने अपने सपोर्ट पेज पर इस बदलाव की पुष्टि कर दी है. कंपनी ने साफ कहा है कि ChatGPT Android, iOS, डेस्कटॉप और वेब पर पहले की तरह काम करता रहेगा, लेकिन WhatsApp के अंदर अब यह सेवा उपलब्ध नहीं होगी.
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बैन के पीछे की वजह
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WhatsApp ने इस फैसले की वजह भी साफ-साफ बताई है. कंपनी के मुताबिक उसका Business API असल में ग्राहकों से बातचीत और कस्टमर सपोर्ट के लिए बनाया गया है, न कि ऐसे AI असिस्टेंट्स के लिए जो भारी मात्रा में मैसेज भेजते और रिसीव करते हैं. ChatGPT जैसे AI बॉट्स WhatsApp के सर्वर पर ज्यादा लोड डाल रहे थे, जिससे प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही थी.
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Meta AI को भी मिल सकता है फायदा
इस फैसले के पीछे एक और अहम पहलू है. Meta का खुद का AI चैटबॉट, Meta AI, पहले से ही WhatsApp पर मौजूद है. ऐसे में बाहरी और प्रतिस्पर्धी AI टूल्स को हटाने से Meta AI को सीधा फायदा मिल सकता है और WhatsApp पर AI रेस में उसे बढ़त मिलती दिख रही है.
क्या आप पर पड़ेगा असर?
यह बैन सिर्फ जनरल-पर्पस AI चैटबॉट्स पर लागू होता है, जिनका काम हर तरह के सवालों के जवाब देना होता है. यानी ChatGPT, Perplexity और इसी तरह के दूसरे टूल्स अब WhatsApp पर नहीं चलेंगे. हालांकि बिजनेस से जुड़े AI बॉट्स अभी भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, कोई ट्रैवल कंपनी अगर WhatsApp पर AI चैटबॉट से बुकिंग या कस्टमर सपोर्ट दे रही है, तो उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
भारत में WhatsApp की ताकत
भारत में WhatsApp के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जो इसे AI टूल्स के लिए सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बनाते हैं. ऐसे में WhatsApp का यह कदम AI की दुनिया में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. प्रतिद्वंद्वी AI असिस्टेंट्स को हटाकर Meta ने साफ संकेत दे दिया है कि वह अपने AI इकोसिस्टम को सबसे आगे रखना चाहता है.
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