हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

सावधान! 2026 के ये 8 स्कैम उड़ा सकते हैं आपकी सेविंग्स, मिनटों में खाली हो सकता है अकाउंट

साल 2026 में स्कैम पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. AI वॉइस कॉल, डीपफेक वीडियो, फर्जी निवेश और सरकारी मैसेज के जरिए ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं. अगर समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो एक छोटी सी गलती भारी नुकसान करा सकती है. जानिए 2026 के टॉप स्कैम कौन से हो सकते हैं और कैसे इनसे रहना है सावधान.

विज्ञापन
2026 स्कैम अलर्ट. (Photo- News24 GFX)

2026 scams alert: साल 2026 में जैसे-जैसे डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन शॉपिंग और AI-बेस्ड सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे ठगी के तरीके भी पहले से ज्यादा चालाक और खतरनाक होते जाएंगे. अब स्कैम सिर्फ अनजान कॉल या फर्जी SMS तक सीमित नहीं रह गए हैं. साइबर अपराधी सोशल मीडिया, AI से बने वीडियो, फर्जी ऐप्स और सरकारी जैसी दिखने वाली वेबसाइट्स के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. ऐसे में सतर्क रहना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है. आइए जानते हैं ऐसे कौन-से स्कैम है जिनसे आपको इस साल सतर्क रहना होगा.

नए साल में इन बडे़ स्कैम से रहें सावधान

1. AI वॉइस और डीपफेक स्कैम

2026 का सबसे खतरनाक ट्रेंड AI-बेस्ड वॉइस और डीपफेक स्कैम माना जा रहा है. इसमें ठग किसी परिचित, परिवार के सदस्य या बॉस की आवाज और शक्ल की हूबहू नकल कर लेते हैं. वीडियो कॉल या फोन पर इमरजेंसी का बहाना बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है. कई लोग भावनाओं में आकर बिना जांच-पड़ताल किए पैसे भेज देते हैं. ऐसे मामलों में किसी दूसरे माध्यम से पुष्टि करना बेहद जरूरी है.

विज्ञापन

    2. QR कोड और डिजिटल पेमेंट स्कैम

    डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के साथ QR कोड से जुड़े स्कैम भी बढ़ रहे हैं. सार्वजनिक जगहों पर नकली QR कोड चिपकाए जा सकते हैं, जिन्हें स्कैन करते ही बैंक डिटेल्स चोरी हो सकती हैं या खाते से पैसे कट सकते हैं. पेमेंट करते समय हमेशा रिसीवर का नाम और डिटेल्स ध्यान से जांचें.

    विज्ञापन

    3. सरकारी योजना और सब्सिडी फ्रॉड

    नई सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के नाम पर फर्जी कॉल और वेबसाइट्स भी लोगों को चूना लगाने का जरिया बन रही हैं. रजिस्ट्रेशन फीस या KYC अपडेट के नाम पर पर्सनल जानकारी मांगी जाती है. याद रखें, सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट जैसे India.gov.in पर ही भरोसा करें.

    विज्ञापन

    4. नौकरी और वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम

    सोशल मीडिया और WhatsApp पर पार्ट-टाइम या वर्क-फ्रॉम-होम के लुभावने ऑफर तेजी से फैल रहे हैं. शुरुआत में छोटे टास्क के बदले पैसे देकर भरोसा जीता जाता है, फिर बड़े निवेश या फीस के नाम पर ठगी कर ली जाती है. किसी भी ऑफर पर बिना जांच के भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है.

    विज्ञापन

    5. क्रिप्टो और फर्जी निवेश स्कीम

    गारंटीड रिटर्न, एक महीने में पैसा डबल या AI ट्रेडिंग बॉट जैसे ऑफर आज भी लोगों को फंसाने का आसान तरीका हैं. सोशल मीडिया ऐड्स और WhatsApp ग्रुप्स के जरिए फर्जी निवेश प्लान प्रमोट किए जाते हैं. शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा बनाया जाता है और फिर बड़ी रकम लेकर ठग गायब हो जाते हैं. याद रखें, बिना जोखिम के ज्यादा मुनाफा संभव नहीं होता.

    विज्ञापन

    6. फर्जी सरकारी मैसेज और KYC स्कैम

    PAN, Aadhaar, बैंक KYC या सब्सिडी से जुड़े फर्जी मैसेज और ईमेल अब भी आम हैं. अकाउंट बंद होने या बेनिफिट्स रुकने की धमकी देकर लिंक पर क्लिक करवाया जाता है. लिंक खोलते ही OTP या निजी जानकारी चोरी कर ली जाती है. बैंक या सरकार कभी भी फोन या मैसेज पर OTP और पासवर्ड नहीं मांगते.

    विज्ञापन

    7. ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी फ्रॉड

    ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर नकली वेबसाइट्स और फेक डिलीवरी कॉल्स भी तेजी से बढ़े हैं. सस्ते ऑफर दिखाकर पेमेंट करा लिया जाता है, लेकिन न तो सामान मिलता है और न ही रिफंड. कई बार डिलीवरी के नाम पर APK फाइल भेजी जाती है, जिसे इंस्टॉल करते ही फोन का कंट्रोल ठगों के हाथ चला जाता है.

    विज्ञापन

    8. सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन स्कैम

    Instagram, Facebook और X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को सेलेब्रिटी, इंफ्लुएंसर या कंपनी का प्रतिनिधि बताया जाता है. गिवअवे, लॉटरी या फ्री गिफ्ट के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं और फिर बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं. अनवेरिफाइड अकाउंट्स से दूरी बनाए रखना ही सुरक्षित तरीका है.

    कैसे रहें सुरक्षित

    अगर कोई इमरजेंसी बताकर पैसे मांगे, तो पहले उसकी पुष्टि जरूर करें. अनजान लिंक, APK फाइल या QR कोड स्कैन करने से बचें. OTP, PIN और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें. किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले कंपनी और ऑफर की पूरी जानकारी लें. अगर ठगी का शक हो, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं. सावधानी ही 2026 में सबसे बड़ा बचाव है.

    ये भी पढ़ें- कुछ सेकंड्स में ऐसे पहचानें WhatsApp न्यू ईयर स्कैम, जानें तरीका

    संबंधित खबरें

    न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

    First published on:

    Know More: Editorial Guidelines

    लेख समाप्त

    लेखक के बारे में

    Mikita Acharya

    मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
    ... और पढ़ें

    ताज़ा खबरें

    Sponsored Links by Taboola