Sarvam AI: टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक कहावत तेजी से लोकप्रिय हो रही है मेक फॉर इंडिया, स्केल फॉर द वर्ल्ड. वजह साफ है, भारत जैसा विविध और जटिल बाजार दुनिया में कम ही है. यहां अलग-अलग भाषाएं, अलग नेटवर्क स्थितियां और अलग उपयोग के तरीके हैं. ऐसे माहौल में जो तकनीक भारत में सफल हो जाए, वह दुनिया में भी मजबूती से खड़ी हो सकती है. इसी सोच के साथ बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी Sarvam AI इन दिनों चर्चा में है, जो भारत की जरूरतों को ध्यान में रखकर AI तैयार कर रही है.
क्या है Sarvam AI?
Sarvam AI एक भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना 2023 में प्रत्यूष कुमार और विवेक राघवन ने की थी. कंपनी का लक्ष्य “सॉवरेन AI” बनाना है. यानी ऐसा AI जो भारत में ही डिजाइन, ट्रेन और डिप्लॉय हो और भारतीय भाषाओं, डेटा और काम करने के तरीकों के अनुसार काम करे. जहां ग्लोबल AI पूरी दुनिया के लिए एक जैसा मॉडल बनाते हैं, वहीं Sarvam खास तौर पर भारत की जरूरतों पर फोकस कर रहा है.
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भारत के लिए अलग क्यों है यह AI?
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भारत में 22 से ज्यादा आधिकारिक भाषाएं और सैकड़ों बोलियां हैं. यहां इंटरनेट की स्पीड, डिवाइस की क्षमता और ऑडियो क्वालिटी भी हर जगह एक जैसी नहीं होती. Sarvam AI को इन्हीं वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह खराब ऑडियो, अलग लहजे और स्थानीय भाषाओं को बेहतर तरीके से समझ सकता है, जो आमतौर पर कई अंतरराष्ट्रीय मॉडल नहीं कर पाते.
Sarvam Vision: दस्तावेज समझने में माहिर
कंपनी का एक खास मॉडल Sarvam Vision है, जो डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस और OCR पर काम करता है. यह स्कैन किए गए सरकारी कागज, टेबल, फॉर्म और तकनीकी दस्तावेजों को पढ़ और समझ सकता है. भारत में ज्यादातर सरकारी और कानूनी रिकॉर्ड स्कैन फॉर्मेट में होते हैं, जिनका लेआउट जटिल होता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मॉडल ने कई कठिन टेस्ट में अच्छी सटीकता दिखाई है और कुछ मामलों में बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉडलों से बेहतर प्रदर्शन किया है.
भारतीय भाषाओं और आवाज पर मजबूत पकड़
Sarvam AI का फोकस सिर्फ टेक्स्ट तक सीमित नहीं है. इसके स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-स्पीच फीचर भारतीय भाषाओं और अलग-अलग लहजों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. कॉल सेंटर, सरकारी घोषणाओं और लोकल कम्युनिकेशन जैसे उपयोग में यह काफी मददगार हो सकता है. कंपनी का नया मॉडल Bulbul V3 भी इसी दिशा में काम करता है.
सरकार और एंटरप्राइज के लिए क्यों अहम?
Sarvam का इस्तेमाल सरकारी दस्तावेजों को डिजिटाइज करने और डेटा को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में किया जा सकता है. मार्च 2025 में UIDAI ने आधार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Sarvam के साथ साझेदारी भी की थी. सरकार और बड़े संगठनों के लिए यह एक भरोसेमंद भारतीय समाधान के रूप में देखा जा रहा है.
ChatGPT और Gemini से कितना अलग?
Sarvam का लक्ष्य एक बड़ा जनरल चैटबॉट बनाना नहीं है. यह खास कामों के लिए AI बना रहा है जैसे डॉक्यूमेंट समझना, भारतीय भाषाओं में काम करना और कम नेटवर्क में भी बेहतर प्रदर्शन देना. कंपनी का मॉडल लगभग 3 बिलियन पैरामीटर्स पर आधारित है और इसे भारत-केंद्रित उपयोग के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है.
कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं Sarvam AI?
Sarvam AI का उपयोग करने के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगइन करना होता है. लॉगइन के बाद यूजर डॉक्यूमेंट एनालिसिस, स्पीच-टू-टेक्स्ट और अन्य AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. डेवलपर्स के लिए API और डॉक्यूमेंटेशन भी उपलब्ध है, जिससे इसे ऐप या वेबसाइट में जोड़ा जा सकता है.
क्यों खास है Sarvam का मॉडल?
Sarvam का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह इंग्लिश-केंद्रित AI नहीं है. यह भारत की भाषाई विविधता, नेटवर्क चुनौतियों और डेटा सुरक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कंपनी का फोकस भारत की उस बड़ी जरूरत को पूरा करना है, जहां लोगों को अपनी भाषा में समझने और जवाब देने वाला AI चाहिए.
Sarvam AI दिखाता है कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का यूजर नहीं, बल्कि निर्माता भी बन रहा है. अगर यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल होता है, तो यह भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी एक मजबूत उदाहरण बन सकता है कि स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बनाई गई तकनीक ही भविष्य तय करती है.
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