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Merry Christmas WhatsApp Scam: एक क्लिक और मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

क्रिसमस और नए साल के आते ही ऑनलाइन स्कैम बढ़ जाते हैं. अभी भी WhatsApp पर फर्जी गिफ्ट और बोनस लिंक तेजी से फैल रहे हैं. इन लिंक्स पर क्लिक करते ही बड़ा फर्जीवाड़ा हो सकता है और आपका अकाउंट खाली हो सकता है, यहां जानें इनसे कैसे सावधान रहें.

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WhatsApp पर चल रहा नया स्कैम. (Photo-News24 GFX)

Merry Christmas 2025 WhatsApp Scam: क्रिसमस और नए साल की खुशियों के बीच एक बड़ा डिजिटल खतरा भी तेजी से फैल रहा है. देशभर में WhatsApp पर ऐसे फर्जी मैसेज और ‘गिफ्ट लिंक’ वायरल हो रहे हैं, जिन पर एक बार क्लिक करना लोगों को भारी नुकसान में डाल सकता है. साइबर क्राइम यूनिट्स ने चेतावनी दी है कि ये स्कैम मिनटों में बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं और ज्यादातर लोग इन्हें त्योहार की खुशी में बिना सोचे-समझे खोल लेते हैं.

त्योहारों में क्यों बढ़ जाते हैं WhatsApp स्कैम

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्रिसमस जैसे त्योहार स्कैमर्स के लिए सबसे आसान मौका होते हैं. इस समय लोग ज्यादा रिलैक्स रहते हैं और मैसेज को गंभीरता से जांचे बिना खोल लेते हैं. ठग इसी भावनात्मक माहौल का फायदा उठाकर फर्जी ऑफर्स भेजते हैं और जल्दबाजी का दबाव बनाते हैं.

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कैसे होता है क्रिसमस WhatsApp स्कैम

यह स्कैम आमतौर पर “Merry Christmas! You’ve received a gift” या “Christmas bonus waiting for you” जैसे मैसेज से शुरू होता है. मैसेज में एक छोटा या छुपा हुआ लिंक होता है, जिसमें कैशबैक, गिफ्ट वाउचर, शॉपिंग कूपन या कैश रिवॉर्ड का दावा किया जाता है. लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर को एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो किसी बड़े ब्रांड, बैंक या पेमेंट ऐप जैसी दिखती है. यहां मोबाइल नंबर, पर्सनल डिटेल्स, बैंक जानकारी भरने को कहा जाता है या कोई ऐप डाउनलोड करने और परमिशन देने को बोला जाता है.

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मैलवेयर से कैसे खाली होता है अकाउंट

कई मामलों में लिंक खोलते ही फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है. इससे ठग फोन को रिमोटली कंट्रोल कर लेते हैं, OTP पढ़ सकते हैं, बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच बना लेते हैं और बिना इजाजत ट्रांजैक्शन कर देते हैं.

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WhatsApp स्कैम के आम संकेत

अगर कोई मैसेज बिना किसी शर्त के फ्री पैसा, गिफ्ट या वाउचर देने का दावा करे, तो सावधान हो जाएं. OTP, कार्ड डिटेल्स या ऐप डाउनलोड करने को कहने वाले लिंक सबसे बड़ा खतरा हैं. स्पेलिंग की गलतियां, अजीब URL और लिंक को आगे भेजने का दबाव भी स्कैम की पहचान है.

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खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह किसी जान-पहचान वाले के नंबर से आया हो. पहले सीधे उस व्यक्ति से पुष्टि करें. किसी भी वेबसाइट पर बैंक डिटेल्स, CVV या OTP बिल्कुल न डालें. WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें और लिंक्ड डिवाइस समय-समय पर चेक करते रहें.

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गलती से फर्जी ऐप इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें

अगर कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, ऐप को डिलीट करें और अपने बैंक से संपर्क कर ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं. जितनी जल्दी एक्शन लिया जाएगा, नुकसान उतना कम होगा.

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ठगी होने पर कहां करें शिकायत

अगर आपको फ्रॉड का शक है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके अलावा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है. साइबर पुलिस का साफ कहना है कि त्योहारों के समय थोड़ी सी सतर्कता बड़ा नुकसान होने से बचा सकती है. क्रिसमस की एक खुशी भरी शुभकामना अगर बिना जांचे खोली गई, तो वही मैसेज भारी नुकसान की वजह बन सकता.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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