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AI Impact Summit 2026: रिलायंस से Google-माइक्रोसॉफ्ट तक, भारत में 250 अरब डॉलर के निवेश को तैयार हुईं ये ग्लोबल कंपनियां

इंडिया AI समिट खत्म होने से पहले भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. रिलायंस, अडानी, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल समेत कई दिग्गज कंपनियों ने अरबों डॉलर के निवेश का ऐलान किया है. आइए जानते हैं किस कंपनी ने कितना पैसा लगाने की घोषणा की और इससे भारत को रोजगार, टेक्नोलॉजी और अर्थव्यवस्था के स्तर पर क्या बड़ा फायदा होने वाला है.

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AI Summit से भारत बना टेक पावरहाउस. (Photo- News24 Gfx)

AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट आज अपने अंतिम दिन पर है, लेकिन इसके नतीजे पहले ही भारत के लिए बड़ी सफलता के संकेत दे चुके हैं. अरबों डॉलर के निवेश, दुनिया की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी और दर्जनों देशों के समर्थन के साथ यह साफ हो गया है कि भारत अब एआई की वैश्विक दौड़ में सिर्फ हिस्सा नहीं ले रहा, बल्कि नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है. सवाल यह है कि इस समिट से भारत को आखिर क्या मिला और आने वाले समय में इसका देश को कितना फायदा होगा.

250 अरब डॉलर का निवेश

इस समिट की सबसे बड़ी सफलता बुनियादी ढांचे के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक के निवेश कमिटमेंट को माना जा रहा है. यह निवेश डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा. इससे भारत का डिजिटल ढांचा मजबूत होगा और टेक सेक्टर को अभूतपूर्व गति मिलेगी.

रिलायंस का सबसे बड़ा दांव

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रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और जियो ने अगले सात वर्षों में करीब 109.8 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की है. यह पैसा देशभर में अत्याधुनिक डेटा सेंटर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और एआई सेवाओं के विकास पर खर्च होगा. कंपनी का लक्ष्य भारत को एआई और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है.

अडानी समूह का इतना निवेश

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अडानी समूह ने भी 2035 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर निवेश की योजना पेश की है. यह निवेश मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले डेटा सेंटर बनाने पर केंद्रित होगा. समूह का अनुमान है कि इससे संबंधित उद्योगों में करीब 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक प्रभाव पैदा हो सकता है.

माइक्रोसॉफ्ट और ग्लोबल कंपनियों का भरोसा

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माइक्रोसॉफ्ट ने इस दशक के अंत तक ग्लोबल साउथ में एआई विस्तार के लिए 50 अरब डॉलर तक निवेश की योजना बनाई है. कंपनी पहले ही भारत में 17.5 अरब डॉलर के निवेश का रोडमैप दे चुकी है. इसके अलावा योट्टा डेटा सर्विसेज 2 अरब डॉलर की लागत से एशिया के सबसे बड़े एआई कंप्यूटिंग हब में से एक विकसित कर रही है, जिसमें एनवीडिया की उन्नत चिप्स का इस्तेमाल होगा.

Google का बड़ा निवेश और AI हब की तैयारी

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इंडिया एआई समिट में गूगल ने भी भारत के लिए अपनी लंबी अवधि की निवेश योजना का ऐलान किया है. कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव है और भारत तेजी से वैश्विक AI इकोसिस्टम में अपनी मजबूत जगह बना रहा है.

गूगल आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में करीब 15 अरब डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के साथ एक फुल-स्टैक AI हब तैयार कर रहा है. इस प्रोजेक्ट में गीगावॉट स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देशभर के स्टार्टअप, उद्योग और संस्थानों तक उन्नत AI तकनीक की पहुंच आसान हो सकेगी.

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TCS, OpenAI और नई संभावनाएं

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने डेटा सेंटर डिविजन के लिए ओपनएआई को पहला ग्राहक बनाया है. यह साझेदारी भारत को वैश्विक एआई सेवाओं के निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने में मदद कर सकती है. इससे भारतीय आईटी सेक्टर के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है.

एलएंडटी और एनवीडिया की ‘एआई फैक्ट्री’

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लार्सन एंड टुब्रो ने एनवीडिया के साथ मिलकर देश की सबसे बड़ी एआई फैक्ट्री बनाने की योजना पेश की है. इसमें बड़े स्तर पर एआई-रेडी डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इस परियोजना से उच्च कौशल वाले रोजगार भी बढ़ने की संभावना है.

‘दिल्ली घोषणापत्र’ से बढ़ा ग्लोबल प्रभाव

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक समिट का कूटनीतिक पहलू भी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि रहा. अब तक 70 देशों ने ‘दिल्ली घोषणापत्र’ पर सहमति जताई है और उम्मीद है कि यह संख्या 80 के पार जा सकती है. इससे साफ है कि एआई नीतियों और वैश्विक मानकों को तय करने में भारत की भूमिका मजबूत हो रही है.

बता दें, इस आयोजन में करीब 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जो देश में नई तकनीक के प्रति बढ़ते उत्साह को दिखाता है. सरकार का मानना है कि इतना बड़ा निवेश और भागीदारी भारत की अर्थव्यवस्था और टेक इंडस्ट्री के लिए गेमचेंजर साबित होगी.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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