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बार-बार नोटिफिकेशन बन गए थे सिरदर्द! इस गैजेट को छोड़ने से बदली जिंदगी, शख्स का चौंकाने वाला खुलासा

हर पल आने वाले नोटिफिकेशन और कॉल अलर्ट से परेशान चंडीगढ़ के रतन ढिल्लों ने स्मार्टवॉच छोड़ दी. उनका कहना है कि एनालॉग घड़ी पहनने से न सिर्फ तनाव कम हुआ, बल्कि जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा शांत और फोकस्ड हो गई. उनकी यह डिजिटल डिटॉक्स स्टोरी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

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डिजिटल डिटॉक्स की ओर बढ़ते लोग. (Photo-News24 GFX)

Chandigarh Man Ditches Apple Watch Switches to Analog: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्मार्ट डिवाइस हमारी सहूलियत के लिए बने थे, लेकिन अब वही डिवाइस कई लोगों के लिए तनाव की वजह बनते जा रहे हैं. हर पल आने वाले नोटिफिकेशन, कॉल अलर्ट और हेल्थ रिमाइंडर दिमाग को चैन से बैठने नहीं देते. इसी डिजिटल थकान से निकलने की एक मिसाल चंडीगढ़ के रतन ढिल्लों ने पेश की है, जिन्होंने Apple Watch छोड़कर एक साधारण एनालॉग घड़ी पहनने का फैसला किया और दावा किया कि इससे उनकी जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा शांत हो गई है.

स्मार्टवॉच की सुविधा, लेकिन बढ़ता तनाव

Apple Watch जैसी स्मार्टवॉच सेहत ट्रैक करने, कॉल लेने और नोटिफिकेशन देखने में मदद करती हैं. लेकिन रतन ढिल्लों का कहना है कि ये सुविधाएं धीरे धीरे आदत बन जाती हैं. हर थोड़ी देर में कलाई पर वाइब्रेशन महसूस होना और स्क्रीन देखने की मजबूरी उन्हें मानसिक रूप से थका रही थी.

नोटिफिकेशन की लत 

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ढिल्लों ने X पर बताया कि वह लगातार नोटिफिकेशन और कॉल्स के आदी हो चुके थे. उन्हें महसूस हुआ कि बिना वजह बार बार घड़ी देखना उनकी एक आदत बन गई है, जो ध्यान भटकाने के साथ साथ बेचैनी भी बढ़ा रही थी.

ड्राइविंग के समय भटकता ध्यान

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उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी चलाते वक्त स्मार्टवॉच के अलर्ट ध्यान भंग करते थे. इसके अलावा बार बार चार्ज करने की झंझट और कलाई की तरफ देखने पर लोगों का यह समझ लेना कि वह जल्दी में हैं या बातचीत में दिलचस्पी नहीं ले रहे, उन्हें असहज महसूस कराता था.

एनालॉग घड़ी पर लौटने का फैसला

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इन्हीं वजहों से रतन ढिल्लों ने स्मार्टवॉच छोड़कर एक साधारण एनालॉग घड़ी पहनना शुरू किया. उनका कहना है कि इस बदलाव के बाद उन्हें पहले से कहीं ज्यादा शांति महसूस हो रही है. अब न तो बार बार नोटिफिकेशन देखने की चिंता है और न ही चार्ज खत्म होने का डर.

‘घड़ी का काम सिर्फ समय बताना है’

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ढिल्लों का साफ कहना है कि नोटिफिकेशन के लिए हमारे पास पहले से ही स्मार्टफोन मौजूद हैं. घड़ी का असली काम सिर्फ समय बताना है. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगर वे लगातार अलर्ट से परेशान हैं, तो एक बार एनालॉग घड़ी अपनाकर जरूर देखें.

सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन

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उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने कहा कि वे भी स्मार्टवॉच छोड़ चुके हैं और खुद को ज्यादा रिलैक्स महसूस करते हैं. एक यूजर ने लिखा कि वह दो तीन साल पहले ही डिजिटल और स्मार्टवॉच से दूरी बना चुका है.

‘कलाई पर एक और स्क्रीन की जरूरत नहीं’

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एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि हमारी जेब में पहले से ही स्क्रीन मौजूद है, ऐसे में कलाई पर एक और स्क्रीन की कोई जरूरत नहीं. वहीं कुछ लोगों ने बताया कि वे ऐसी डिजिटल घड़ी इस्तेमाल करते हैं, जिसमें इंटरनेट या नोटिफिकेशन की सुविधा नहीं होती, ताकि ध्यान भटके नहीं.

रतन ढिल्लों की यह पोस्ट 31 जनवरी 2026 को शेयर की गई थी. इसके बाद से इसे करीब 52 हजार व्यूज मिल चुके हैं और लगातार इस पर टिप्पणियां आ रही हैं. लोग इसे डिजिटल डिटॉक्स की दिशा में एक जरूरी कदम बता रहे हैं.

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ये भी पढ़ें- Apple तोड़ेगा सालों पुरानी परंपरा! 2026 में नहीं आएगा iPhone 18, क्या है इसके पीछे की वजह?

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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