ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला वह देश बन गया, जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया यूज करने पर रोक लगा दी है. यह रोक कल रात से लागू हुई है. इसको लेकर ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 2024 में ‘ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल’ नाम से एक कानून पास किया था. इसका मकसद, बच्चों को साइबर जोखिमों से बचाना है. अब कोई भी बच्चा जिसकी उम्र सोलह साल से कम है, वह सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं बना पाएगा.
क्या है नया कानून?
अभी तक ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया यूज करने के लिए कोई उम्र तय नहीं थी. आमतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 13 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट नहीं बना सकते. यह प्रावधान अमेरिका के बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े कानून के तहत है. इस कानून का मकसद, बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से होने वाले खतरों से बचाना है. इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में टिकटॉक, फेसबुक, स्नैपचैट, रेडिट, इंस्टाग्राम, एक्स, और अन्य शामिल हैं. इसके तहत 16 साल कम उम्र का कोई बच्चा अपना ना तो अकाउंट बना पाएगा और ना ही ऐसा कोई अकाउंट रख सकता.
कैसे होगा लागू?
यह बैन लागू करना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी होगी. यानी उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 से कम उम्र का कोई बच्चा उनके प्लेटफॉर्म पर अकाउंट ना बना ले. इसके अलावा जो पहले से ऐसे बच्चों के अकाउंट्स हैं, उन्हें हटाना होगा. अगर कोई प्लेटफॉर्म इस बैन को लागू करने में नाकाम होता है, तो उस पर अधिकत्तम 49.5 मिलियन यूएस डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है.
इस बैन को लागू करवाने की जिम्मेदारी ई-सेफ्टी कमिश्नर की होगी. इसके लिए दिशानिर्देश बनाने और उन्हें बढ़ावा देने का काम भी इसी का है. ई-सेफ्टी कमिश्नर ऑस्ट्रेलिया का ऑनलाइन सेफ्टी के लिए स्वतंत्र नियामक है. यह ऑस्ट्रेलिया में सभी नागरिकों की ऑनलाइन सेफ्टी सुनिश्चित करता है. अगर 16 साल से कम उम्र के बच्चा किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का एक्सेस पा भी लेता है, तो उसके लिए पेरेंट्स को कोई पेनेल्टी नहीं देनी होगी.
क्या भारत भी है तैयारी में?
भारत में ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ को लेकर जरूर कानून है, लेकिन सोशल मीडिया पर उम्र की सीमा को लेकर कोई कानून नहीं है. इसके साथ ही ऐसे कोई संकेत भी नहीं हैं कि सरकार ऐसा कोई कानून लेकर आने वाली है. जो कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट रखने से रोक सके.
किस-किस पर लगेगी रोक?
फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, एक्स, स्नैपचैट, यूट्यूब, थ्रेड्स, रेडिट और किक समेत अन्य कई प्लेटफॉर्म हैं, जिन पर रोक लगेगी. वहीं, डिस्कॉर्ड, ट्विच, मैसेंजर, वॉट्सऐप, गिटहब, गूगल क्लासरूम, लेगो प्ले, रोब्लॉक्स, स्टीम, यूट्यूब किड्स पर रोक नहीं लगाई गई है. हालांकि, अभी यह फाइनल लिस्ट नहीं बनी है. इसमें कुछ फेरबदल भी हो सकता है.
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