TrendingiranTrumpED Raid

---विज्ञापन---

Kangana की Tejas को लोगों ने बताया Disaster, कहा- ‘अपने रिस्क पर देखें दो घंटे का वीडियो गेम’

Tejas Twitter Review: कंगना अपनी फिल्म का जोर-शोर से प्रमोशन भी कर रही हैं। कंगना की फिल्म तेजस पर यूजर्स अपने अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। तो चलिए बताते हैं कि पब्लिक को यह फिल्म कैसी लगी।

image credit: instagram
Tejas Twitter Review: कंगना रणौत इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं। उनकी फिल्म 'तेजस' सुर्खियों में बनी हुई है, जो कि आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म में कंगना फाइटर पायलट 'तेजस गिल' की भूमिका में नजर आ रही हैं। इसकी रिलीज के साथ लोगों का इंतजार खत्म हो गया है। सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हो गई है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसमें तेजस गिल बंधकों को आतंकवादियों से छुड़ाने के मिशन पर है। इस फिल्म में कंगना के अलावा अंशुल चौहान, वरुण मित्रा, आशीष विद्यार्थी और विशाख नायर भी हैं। फिल्म का डायलॉग 'भारत को छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं' बहुत सुर्खियों में रहा था। इसपर यूजर्स अपने अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। तो चलिए बताते हैं कि पब्लिक को यह फिल्म कैसी लगी।   यह भी पढ़ें: Singer Atif Aslam को बीच कॉन्सर्ट में आया भयंकर गुस्सा, फैन की हरकत पर जमकर लगाई फटकार   कर रहीं फिल्म का प्रमोशन कंगना रणौत की पिछली कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाई हैं, जिसमें 'धाकड़' और' चंद्रमुखी 2' जैसी कई फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों के फ्लॉप होने के वजह से 'तेजस' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखने लायक होगा। बता दें कि कंगना अपनी फिल्म का जोर-शोर से प्रमोशन भी कर रही हैं। बीते दिन वह अयोध्या के राम मंदिर में भी दर्शन करने के लिए पहुंचीं थीं। अब इस फिल्म के सोशल मीडिया पर भी रिव्यू सामने आने लगे हैं। 'दशक की सबसे खराब फिल्म' एक यूजर ने 'तेजस' फिल्म को दो घंटे का वीडियो गेम बता दिया है। वहीं दूसरे शख्स ने लिखा है, यह फिल्म पूरी तरह पैसों और समय की बर्बादी है। ऐसी फिल्म बनाने के लिए भी आपको वास्तव में कड़ी मेहनत करनी होगी और स्क्रिप्ट लिखने में वास्तव में अच्छा होना होगा! जब असहनीय फिल्मों की बात आती है तो यह उस लिस्ट में टॉप है। वहीं एक और शख्स ने इसे दशक की सबसे खराब फिल्म बता दिया है। 'दो घंटे का टॉर्चर' एक अन्य शख्स ने 'तेजस' को लेकर लिखा, उनकी फिल्म डिजास्टर है। दयनीय कहानी और अभिनय, उबाऊ स्क्रिप्ट, स्क्रीन पर कुछ भी देखने लायक नहीं था। ऐसा लगा जैसे कोई दो घंटे लंबी टॉर्चर फिल्म हो, जिसे सिर्फ तिहाड़ जेल के कैदी ही देखने लायक हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने कंगना की बहुत शानदार फिल्म बताया है। कुछ लोगों का कहना है कि इस फिल्म के जरिए कंगना को पुरस्कार मिल सकता है।


Topics:

---विज्ञापन---