Rani Mukerji First Audition Story: बॉलीवुड में कई कलाकारों को अभिनेता बनने में और नाम कमाने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं. इस अभिनेत्री की मां प्लेबैक सिंगर और मामा-चाचा बड़े निर्देशक होने के बावजूद, इन्हें काफी मेहनत और मशक्कत के बाद रोल मिला. यह और कोई नहीं बल्कि सबकी प्यारी अंजली यानी रानी मुखर्जी हैं. इनके पहले ऑडिशन में ही मां ने निर्माता को फोन करके रोल देने से मना कर दिया था. आइए जानते हैं पूरी कहानी.
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शुरुआत में बुरा हाल
रानी मुखर्जी का जन्म फिल्मी परिवार में हुआ था. मामा राम मुखर्जी और चाचा देव मुखर्जी दोनो बड़े निर्देशक होने के बावजूद उन्हें आसानी से फिल्म इंडस्ट्री में जगह नहीं मिली. हालांकि, रानी का खुद कोई एक्टिंग में जाने का प्लान नहीं था. फिर एक दिन उन्हें अचानक पहली बार ऑडिशन के लिए बुलाया गया. यह ऑडिशन 'राजा की आएगी बारात' (1996) के लिए था. रानी ने स्क्रीन टेस्ट दिया, लेकिन उनका अनुभव बहुत बुरा रहा. वे रो पड़ीं और घबरा गईं.
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मां ने रोल देने से किया मना
रानी मुखर्जी की मां कृष्ण मुखर्जी ने उनका स्क्रीन टेस्ट देखा. उन्होंने प्रोड्यूसर सलीम अख्तर को फोन कर दिया और कहा कि "मेरी बेटी को मत लो, आपकी फिल्म बर्बाद हो जाएगी." मां ने यहां तक कहा कि "आप मेरी बेटी को लेकर फिल्म खराब कर लोगे." वे नहीं चाहती थीं कि रानी का डेब्यू ऐसे खराब परफॉर्मेंस से हो.
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निर्माता ने नहीं मानी बात
प्रोड्यूसर सलीम अख्तर रानी मुखर्जी के अंदर कुछ खास बात लगी. उन्होंने रानी को फिर भी साइन कर लिया. जब राजा की आएगी बारात रिलीज हुई, तो लोगों ने रानी को खूब पसंद किया और फिल्म हिट हई.
रानी के जीवन में रुकावटें
कई बार रानी को उनकी आवाज के लिए भी ट्रोल किया गया. निर्माता और निर्देशक शुरुआती दौर में रानी की आवाज को लेकर काफी कमेंट करते थे, जिसकी वजह से उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा. लेकिन जनता को रानी एक्टिंग से लेकर आवाज तक सबकुछ पसंद आता था, जिसकी वजह से रानी हमेशा हिट रहीं.
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सफलता की सीढ़ी मिली
इसके बाद रानी ने 'घटक' में नेगेटिव रोल किया, जो उन्हें नोटिस दिलाया. फिर 'कुछ कुछ होता है' में उनकी छोटी लेकिन यादगार भूमिका आई. 2002 में 'साथिया' से वे सुपरस्टार बन गईं. 'चलते चलते', 'युवा', 'बंटी और बबली', 'ब्लैक' जैसी फिल्मों ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड तक पहुंचाया. 'ब्लैक' में अंधी-गूंगी लड़की का रोल करके उन्होंने इतिहास रच दिया.
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