Jana Nayagan Madras HC Verdict: थलापति विजय की फिल्म Jana Nayagan को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में 20 जनवरी को सुनवाई होनी थी, जिसमें सेंसर बोर्ड ने फिल्म की रिलीज में हो रही देरी को लेकर अपने तर्क दिए हैं. सेंसर बोर्ड का कहना है कि उनके चेयरमैन ने अभी तक फिल्म को लेकर निर्णय नहीं लिया है. इसके अलावा उन्होंने फिल्म किए जाने वाले 14 कट्स को उनका अंतिम फैसला नहीं बताया है.
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CBFC के प्रतिनिधि का बयान
कोर्ट में मंगलवार को सेंसर बोर्ड की तरफ से पेश हुए Additional Solicitor General ARL सुंदरेशन ने मामले से जुड़े तथ्य सामने रखे. उन्होंने चीफ जस्टिस के सामने कहा कि बोर्ड के पिछले फैसले के बावजूद, जन नायकन को रिव्यू कमेटी के पास भेजने की जानकारी 6 जनवरी को प्रोड्यूसर्स को भेजी गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले हाई कोर्ट केस में सिंगल जज ने सुनवाई की थी, जिसके मामले को 7 जनवरी के लिए पोस्ट किए जाने से पहले काउंटर फाइल करने का समय नहीं मिला.
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फिल्म में कट्स को लेकर कही बात
इसके अलावा फिल्म में 14 कट्स को लेकर ASG ने कहा कि एग्जामिनेशन कमेटी द्वारा दिए गए 14 कट्स का फैसला अभी भी फाइनल नहीं है. चेयरपर्सन को इस मामले में अभी भी फैसला लेना बाकी है.
500 करोड़ पर कसा तंज
सेंसर बोर्ड की तरफ से गए ASG ने 500 करोड़ की इंवेस्टमेंट को लेकर भी अपनी दलीलें पेश कीं. ASG ने कहा कि पहले हाई कोर्ट केस में CBFC को अपना जवाब दाखिल करने का समय नहीं दिया गया था और 6 जनवरी को भेजे गए कम्युनिकेशन को कोर्ट में कभी चुनौती नहीं दी गई. बता दें कि लंच के बाद मेकर्स की दलीलें भी सामने आएंगी.
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