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Haq देखने को मजबूर करेंगे ये 5 कारण, Shah Bano Case की असलियत दिखाएगी यामी गौतम की फिल्म

Haq Movie: यामी गौतम और इमरान हाशमी की 'हक' फिल्म सिनेमाघरों में छाने के बाद नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है. फिल्म में साल 1986 के शाह बानो केस की असलियत को बखूबी दिखाया गया है. चलिए आपको भी उन 5 कारणों के बारे में बताते हैं जिन्होंने फिल्म में 4 चांद लगा दिए.

'हक' मूवी नेटफ्लिक्स पर आते ही छाई

Haq Movie: यामी गौतम और इमरान हाशमी की साल 2025 की सबसे चर्चित फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है. सिनेमाघरों में छाने के बाद ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर भी ट्रेंड कर रही है. सुपन एस. वर्मा के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है. फिल्म में शाह बानो केस को दिखाया गया है. सोशल मीडिया पर भी 'हक' मूवी को पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. वहीं इसकी आईएमडीबी रेटिंग भी 9 है. चलिए आज हम आपको फिल्म के उन कारणों से रूबरू कराते हैं जो इस फिल्म को देखने के लिए आपको मजबूर कर देंगे.

1- महिलाओं के हक की लड़ाई

यामी गौतम ने इस फिल्म में शाजिया बानो बनकर बड़े ही मजबूती से महिलाओं के हक की लड़ाई दिखाई है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे पहले के जमाने में तलाक के बाद बच्चों की सारी जिम्मेदारियां महिलाओं पर आ जाती थीं. यामी गौतम ने शाजिया बानो बनकर इस लड़ाई को लड़ा और महिलाओं को तलाक के बाद भी गुजारा भत्ता देने की मांग उठाई, जिससे उनके बच्चों की परवरिश अच्छे से हो सके.

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2- यामी गौतम और इमरान हाशमी की एक्टिंग

'हक' में यामी गौतम के साथ-साथ इमरान हाशमी भी लीड रोल में हैं. दोनों ही सितारों ने कमाल की एक्टिंग की है और ऑडियंस का दिल जीता है. फिल्म में जहां यामी गौतम का पॉजिटिव रोल है तो हीं इमरान हाशमी का नेगेटिव रोल है. फिल्मों में पॉजिटिव किरदार निभाने वाले इमरान हाशमी ने इस फिल्म में नेगेटिव किरदार निभाकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो किसी भी रोल में ढल सकते हैं.

3- प्यार से इंसाफ तक की कहानी

फिल्म में प्यार से इंसाफ तक की कहानी को दिखाया गया है. इमरान हाशमी बने अब्बास खान पहले शाजिया बानो बनीं यामी गौतम को दुनिया जहान का प्यार करते हैं. लेकिन जैसे ही शादी की जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं, वैसे-वैसे अब्बास खान का प्यार शाजिया बानो के लिए कम होने लगता है और वो शाजिया से बिना इजाजत लिए दूसरी शादी कर लेते हैं. जिसके बाद शाजिया टूट जाती है और वो अपने हक की लड़ाई लड़ती है.

4- सामाजिक मुद्दा

यामी गौतम की ये फिल्म साल 1986 के शाहबानो केस पर आधारित है. वहीं फिल्म में भी शाहबानो की लाइफ के बारे में डिटेल में बताया गया है. फिल्म में देखने को मिलता है कि शाजिया बानो के पति जब दूसरी शादी कर लेते हैं तो शाजिया अकेले ही अपने 3 बच्चों को पालती हैं. शाजिया के पति उन्हें गुजारा भत्ता तक नहीं देते और शाजिया समाज की नजरों में एक लाचार महिला बनकर रह जाती है. ये फिल्म समाज की सच्चाई को दिखाती है.

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5- दमदार डायलॉग्स

फिल्म में स्टार्स की एक्टिंग के साथ-साथ दमदार डायलॉग्स ने भी ऑडियंस का ध्यान अपनी ओर खींचा. चाहे वो 'एक सांस में तीन बार तलाक देना कैसे सही हो सकता है सर?" डायलॉग हो या फिर 'जब एक औरत पे हर कानून और सजा लागू होती है… तो मर्द क्यों पछताए?' हो, हर डायलॉग में अपनापन लगता है. वहीं ये डायलॉग्स यामी गौतम की आवाज में और ज्यादा दमदार लगे. 


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