Chhaava Controversy: बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल इस वक्त अपनी अपकमिंग फिल्म 'छावा' को लेकर लाइमलाइट में बने हुए हैं। उनकी फिल्म अगले महीने 14 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है लेकिन इस पर अभी से बवाल होना शुरू हो गया है। पहले मंत्री संभाजी राजे छत्रपति ने 'छावा' के एक सीन पर आपत्ति जताई थी। अब विक्की कौशल की फिल्म महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत के निशाने पर आ गई है। उन्होंने आपत्तिजनक सीन के चलते इस फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सामंत का कहना है कि 'छावा' से डांस नंबर को नहीं हटाया तो फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।
डांस नंबर पर जताई आपत्ति
विक्की कौशल की अपकमिंग फिल्म 'छावा' ऐतिहासिक फिल्म है जिसे मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज की जिंदगी पर बनाया गया है। इस फिल्म को लक्ष्मण उतेकर ने डायरेक्ट किया है, जिसमें विक्की के अलावा रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इस पीरियड ड्रामा फिल्म का ट्रेलर कुछ दिन पहले ही रिलीज किया गया था। ट्रेलर में विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना का डांस नंबर भी है, जिस पर आपत्ति जताई जा रही है।
इतिहासकारों को दिखाने की मांग
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने 'छावा' के डांस नंबर पर आपत्ति जताते हुए इसकी ऐतिहासिक प्रमाणिकता पर सवाल उठाया है। रविवार को ANI से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'विक्की कौशल की फिल्म छावा में छत्रपति संभाजी राजे को डांस करते हुए दिखाया गया है। डायरेक्टर को इसे हटा देना चाहिए। इस फिल्म को इतिहासकारों और विद्वानों को दिखाया जाना चाहिए। अगर उन्हें आपत्ति है तो हम फिल्म को रिलीज होने नहीं देंगे।'
यह भी पढ़ें: संभाजी राजे कौन, जिन्होंने Chhaava पर जताई आपत्ति, रिलीज से पहले विवाद क्यों?
ऐतिहासिक सटीकता बनाए रखना जरूरी
सामंत ने छत्रपति संभाजी महाराज की विरासत को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए मेकर्स की कोशिश की तारीफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक सटीकता को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'दुनिया को छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास समझाने के लिए इस तरह के प्रयास की आवश्यकता है। हालांकि कई लोगों ने अपनी राय व्यक्त की है कि इस फिल्म में कुछ आपत्तिजनक सीन हैं।'
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 'जब तक सुझाए गए बदलाव नहीं किए जाते, फिल्म की रिलीज को रोक दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'हमारा रुख यही है कि छावा को पहले विशेषज्ञों और जानकारों को दिखाया जाना चाहिए। महाराज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी चीज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'