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Babil Khan ने ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी, बताया पिता इरफान का अवॉर्ड लेने पर क्यों छलके थे आंसू

बाबिल खान इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'लॉगआउट' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने पिता का अवॉर्ड लेते वक्त रोने पर ट्रोल होने को लेकर अपना रिएक्शन दिया।

Babil Khan File Photo
बॉलीवुड के दिवंगत सुपरस्टार इरफान खान के बेटे बाबिल खान फिल्म इंडस्ट्री में धीरे-धीरे पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में एक्टर फिल्म 'लॉगआउट' में नजर आए थे, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम हुई है। फिल्म में एक्टर ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गौरव दुआ का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों की ठीक-ठाक प्रतिक्रिया मिली है। इस बीच बाबिल ने इंटरव्यू के दौरान ट्रोलिंग को लेकर चुप्पी तोड़ी जब उन्हें पिता इरफान खान का अवॉर्ड लेते वक्त रोने के लिए ट्रोल किया गया था।

अवॉर्ड लेते वक्त किया गया था ट्रोल

जूम को दिए इंटरव्यू में जब बाबिल खान से पूछा गया कि जब उनके दिवंगत पिता इरफान खान को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था, उस अवॉर्ड को लेने के लिए वह स्टेज पर पहुंचे थे। अवॉर्ड लेते वक्त बाबिल फूट-फूट कर रोने लगे थे, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया था। इस पर बाबिल खान ने ट्रोलिंग को याद करते हुए बताया कि उस वक्त जो हालात थे, उससे बाहर निकलने में उनकी मां सुतापा ने उनकी मदद की थी। यह भी पढ़ें: Chhaava देखने के बाद किसे थप्पड़ मारना चाहते हैं विजय देवरकोंडा? बोले- 'उसने मुझे गुस्सा..'

मां ने की थी मदद

इंटरव्यू के दौरान बाबिल खान ने कहा, 'मैं अपने पिता का अवॉर्ड लेने के लिए स्टेज पर गया था। मैं उस वक्त बहुत रो रहा था। मेरे लिए वह बहुत इमोशनल मोमेंट था और मैं बहुत रो रहा था। इसके लिए मुझे काफी ट्रोल किया गया था। मुझे लगता है कि मेरी मां 'सुतापा सिकदर' मेरे लिए उस वक्त खड़ी हुई थीं। वह मेरी मां हैं।'

'दर्द आपको हमेशा परेशान करता है'

26 वर्षीय एक्टर बाबिल खान आगे कहते हैं, 'ट्रोलिंग का मतलब किसी तरह से व्यक्ति को तोड़ सकता है। इसे आपको तोड़ना ही पड़ता है। टूटे हुए बर्तनों को सोने से जोड़ने का एक जापानी तरीका होता है,किंत्सुगी। ये बहुत अवधारणा, बहुत सुंदर है। कुछ ऐसा जो टूटने के बाद ठीक हो जाता है और फिर उसे वापस जोड़ दिया जाता है।' बाबिल खान आगे कहते हैं, 'जिस दर्द को आप नकार देते हैं, वह हमेशा ही आपको परेशान करता है लेकिन एक दोस्त के रूप में आप जिस दर्द को सहते हैं, वह हमेशा आपको एक व्यक्ति के रूप में विकसित करता है।'


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