कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. 35 साल के किसान ने गुस्से में आकर अपने ही पिता की हत्या कर दी. वजह थी सालों से शादी न होने की झुंझलाहट. गांवों में शादी को लेकर तुलना और ताने आम बात होती है. इसी दबाव ने इस परिवार की जिंदगी तबाह कर दी. जो बात रोज घर में बहस बनती थी, वह इस बार हिंसा में बदल गई और एक पिता की जान चली गई.
उस रात क्या हुआ था?
यह घटना होसदुर्गा कस्बे में हुई. आरोपी एस निंगराजा ने अपने पिता टी सन्ननिंगप्पा पर लोहे की रॉड से हमला किया. पिता उस वक्त घर में सो रहे थे. पुलिस के अनुसार निंगराजा ने सिर पर जोरदार वार किया, जिससे गंभीर चोटें आईं. परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना से गांव में सन्नाटा फैल गया. लोग हैरान थे क्योंकि यह परिवार साधारण किसान था और पहले कभी हिंसा की कोई बात सामने नहीं आई थी.
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लंबे समय से पनप रहा था गुस्सा
जांच में सामने आया कि यह वारदात अचानक नहीं हुई. पुलिस का कहना है कि निंगराजा कई सालों से शादी न होने से परेशान था. उसके दोस्त और रिश्तेदार शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे. वह अपनी हालत के लिए पिता को जिम्मेदार मानता था. हमले के दौरान उसने चिल्लाकर कहा कि उसके पिता की दो बीवियां हैं लेकिन उसकी एक भी नहीं है. यह बयान पुलिस जांच का अहम हिस्सा बना है. इससे साफ होता है कि भीतर ही भीतर उसका गुस्सा लंबे समय से पनप रहा था.
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परिवारिक तनाव और सामाजिक दबाव
परिवार वालों ने बताया कि उसी शाम खाने के दौरान शादी को लेकर बहस हुई थी. बहस के बीच निंगराजा ने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी. किसी ने इसे गंभीर नहीं लिया क्योंकि पहले भी ऐसी बहसें होती थीं. कुछ घंटे बाद रिश्तेदार ने घटना की जानकारी दी और बड़े भाई एस मारुति घर पहुंचे. अस्पताल पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी. मारुति की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर निंगराजा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का मानना है कि यह अपराध सालों के भावनात्मक तनाव और ग्रामीण समाज के दबाव का नतीजा है. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी घटनाएं मानसिक सहारे और संवाद की कमी को उजागर करती हैं. इस घटना ने पूरे गांव को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गुस्सा और दबाव मिलकर कैसे एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ सकते हैं.