कानपुर पुलिस ने 10 महीने पुराने एक कत्ल का खुलासा किया है. एक सनकी प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर उसका शव गांव के ही एक सुनसान इलाके में सात फीट नीचे दफना दिया था. आरोपी ने सोचा था कि जमीन के नीचे यह राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा, लेकिन कातिल की अपनी जुबान ही उसका काल बन गई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जमीन खोदकर महिला का कंकाल बरामद कर लिया है.
किसका है नरकंकाल?
पुलिस ने बताया कि कंकाल 45 वर्षीय रेशमा का है. रेशमा के सात बच्चे थे. आरोप है कि रेशमा की हत्या उसके प्रेमी गोरेलाल ने करीब 10 महीने पहले कर दी थी. रेशमा का बेटा बबलू उसे ढूंढ रहा था और उसने गोरेलाल से पूछा था. उसने जवाब दिया कि तुम्हारी मां वापस नहीं आएगी. बबलू को शुरू में लगा कि वह मजाक कर रहा है. बाद में उसे शक हुआ तो उसने 29 दिसंबर को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. गोरेलाल को अब गिरफ्तार कर लिया गया है.
---विज्ञापन---
टैप कर पढ़ें : ‘हत्यारा बॉयफ्रेंड नहीं, उसका रूममेट था…’, निकिता के पिता ने बताया- अर्जुन ने क्यों कर दिया उसका मर्डर
---विज्ञापन---
पड़ोसी से हुआ प्यार
रेशमा के पति रामबाबू शंखवार की तीन साल पहले मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद रेशमा का अपने पड़ोसी गोरेलाल के साथ प्रेम संबंध शुरू हो गया. वह रिश्ते में उसका देवर लगता था. इसके बाद, उसने अपने बच्चों को छोड़ दिया और गोरेलाल के साथ रहने लगी. इससे नाराज होकर रेशमा के बच्चों ने उससे नाता तोड़ लिया.
शादी में नहीं पहुंचने पर हुआ शक
बबलू का रेशमा से संपर्क नहीं था. उसने 29 नवंबर को परिवार में एक शादी का न्योता उसे भेजा था. लेकिन शादी में रेशमा नहीं पहुंची, जिससे उसे शक हुआ. वह गोरेलाल के घर गया और उससे रेशमा के बारे में पूछा. गोरेलाल ने पहले तो बोला कि 'तुम्हारी मां कभी वापस नहीं आएगी.' लेकिन फिर जवाब देने से बचता रहा. इसके बाद उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी.
टैप कर पढ़ें : ‘सर पीछे पड़ जाते थे, करते थे अजीब हरकतें…’, हिमाचल की छात्रा ने ‘मौत से पहले के VIDEO’ में बताई प्रोफेसर की दरिंदगी की दास्तान
क्यों किया कत्ल
बबलू की शिकायत के बाद, पुलिस ने गोरेलाल को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की. आखिरकार, वह टूट गया. उसने पुलिस को बताया कि पिछले साल अप्रैल में उसका और रेशमा का झगड़ा हुआ था. गोरेलाल रेशमा से छुटकारा पाना चाहता था और उसने उसे अपने घरवालों के पास जाने के लिए कहा. रेशमा ने मना कर दिया. दोनों में बार-बार झगड़े होने लगे. ऐसे ही एक झगड़े के दौरान गोरेलाल ने रेशमा का गला घोंटकर हत्या कर दी. दो दिनों तक उसने शव को घर में रखा. शव को ठिकाने लगाने के तरीकों के बारे में सोचता रहा.
ऐसे लगाया ठिकाने
पहले उसने शव को नहर में फेंकने का प्लान बनाया. लेकिन उसे लगा कि कुछ दिनों में शव पानी के ऊपर तैरने लगेगा. इसलिए उसने वो प्लान बदल दिया. फिर उसने गांव की सुनसान जगह दफनाने का फैसला किया. पूछताछ में उसने उस जगह के बारे में बताया. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उस जगह पहुंचकर रेशमा का शव बाहर निकाला. उसका शव कंकाल बन चुका था, कंकाल को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया.