हरियाणा के फरीदाबाद के गौरक्षक बिट्टू बजरंगी के साथ शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आरोपी ने बजरंगी से शादी कराने का वादा किया था, इसके लिए उसने उसे 30,000 रुपये का चूना लगा दिया. पुलिस ने बजरंगी की शिकायत के आधार पर आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.
बिट्टू बजरंगी एक स्व-घोषित गौरक्षक है. पिछले कई वर्षों से गौरक्षक ग्रुप चला रहा है. बजरंगी फरीदाबाद के गाजीपुर बाजार और डबुआ बाजार में फल और सब्जी का व्यापारी है. वह 2023 के नूंह सांप्रदायिक दंगों का आरोपी भी है.
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कैसे हुई मुलाकात
बजरंगी ने शिकायत में कहा कि उसने आरोपी बंटी से कहा था कि वह शादी करना चाहता है और अगर उसे कोई रिश्ता पता हो तो वह उसे बताए. बताया जा रहा है कि बंटी, बजरंगी के पड़ोसी का रिश्तेदार है. बंटी ने बजरंगी की मुलाकात रानी नाम की महिला से कराई. इसके बाद बंटी और रानी ने बजरंगी को लड़की पसंद करने के लिए तीन बार अलीगढ़ बुलाया, लेकिन उसे उनमें से कोई भी पसंद नहीं आई.
ऐसे तय हुई शादी
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बंटी ने फिर बजरंगी को एक युवती की फोटो भेजी जो उसे पसंद आ गई. 5 सितंबर, 2025 को बंटी और रानी उस महिला और उसके परिवार के साथ बजरंगी के घर आए और शादी 7 फरवरी के लिए तय हो गई.
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बारात पहुंची, लेकिन मिला कोई नहीं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजरंगी ने 6 फरवरी को होने वाली दुल्हन के कपड़े खरीदने के लिए आरोपियों को 30,000 रुपये ट्रांसफर किए. इसके बाद अगले दिन वह बारात लेकर अलीगढ़ पहुंचा, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला. बजरंगी ने बताया कि बारात में बहुत ही कम लोग थे. उसके दिवंगत भाई की बेटी सहित कुछ ही लोग थे. जब वे लोग तय स्थान पर बारात लेकर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला और उनके मोबाइल फोन बंद थे.
शिकायत में बजरंगी ने कहा, 'जब मैंने दुल्हन को फोन किया, तो उसने कहा कि उसे शादी के बारे में कुछ नहीं पता और मुझे खाली हाथ लौटना पड़ा.'
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1.20 लाख तय हुई थी डील
पुलिस के मुताबिक, शादी के लिए बजरंगी और आरोपियों के बीच 1.20 लाख की डील तय हुई थी. बजरंगी के घर में नई दुल्हन के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अंत में पासा पलट गया. बजरंगी का कहना है कि वह कभी शादी नहीं करना चाहता था, लेकिन अपने दिवंगत भाई की बेटी की बेहतर देखभाल करने के लिए वह इसके लिए तैयार हो गया था. बजरंगी के भाई का निधन हो गया था, जिसके बाद उसकी भतीजी की मां उसे छोड़कर चली गई थी.