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क्या है ‘ऑरेंज इकोनॉमी’? जिसका पीएम मोदी ने किया जिक्र, बजट 2026 के बाद हो रही चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026 के बाद 'ऑरेंज इकोनॉमी' का जिक्र किया है. यह पूरी तरह से कला, संस्कृति और डिजिटल कंटेंट पर आधारित एक नई रचनात्मक अर्थव्यवस्था है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे युवा शक्ति का बजट बताया है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में एक बेहद खास शब्द 'ऑरेंज इकोनॉमी' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इस बजट को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप करार दिया जो छोटे उद्योगों को ग्लोबल लेवल पर ले जाएगा. प्रधानमंत्री का मानना है कि यह बजट 2047 के विकसित भारत की ऊंची उड़ान का मजबूत आधार बनेगा और देश के हर कोने में नए लीडर्स और इनोवेटर्स तैयार करेगा.

समझिए क्या है ऑरेंज इकोनॉमी?

ऑरेंज इकोनॉमी का सीधा मतलब 'क्रिएटिव इकोनॉमी' से है जो पूरी तरह से कला, संस्कृति, मीडिया, डिजाइन और डिजिटल कंटेंट पर आधारित होती है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां किसी व्यक्ति के पास मौजूद अनोखे आइडिया और उसकी क्रिएटिविटी ही सबसे बड़ी पूंजी होती है. सरकार का इरादा अब केवल खेती या कारखानों तक सीमित रहने का नहीं है बल्कि वह क्रिएटिव सेक्टर को भी देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन बनाना चाहती है. आसान भाषा में कहें तो जब टैलेंट और नई टेक्नोलॉजी मिलते हैं तो वह ऑरेंज इकोनॉमी कहलाती है जो रोजगार के ढेरों नए मौके पैदा करती है.

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डिजिटल क्रांति से मिलेगी रफ्तार

भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा युवा वर्ग और तेजी से बढ़ता डिजिटल यूजर बेस है जो ऑरेंज इकोनॉमी के लिए खाद-पानी का काम कर रहा है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारे देश के युवा अब स्टार्टअप्स और इनोवेशन के मामले में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ने की ताकत रखते हैं. सरकार मानती है कि गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल मार्केटिंग जैसे उभरते हुए सेक्टर्स देश की जीडीपी में बड़ा योगदान दे सकते हैं. इस बजट में किए गए प्रावधानों से युवाओं को अपने क्रिएटिव सपनों को हकीकत में बदलने के लिए आर्थिक और तकनीकी मदद आसानी से मिल पाएगी.

निर्मला सीतारमण का नौवां बजट

यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कुल नौवां बजट भाषण था. इस बजट के साथ ही निर्मला सीतारमण ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के नौ बजट पेश करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. बजट में महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के साथ-साथ भविष्य की इकोनॉमी पर जो ध्यान दिया गया है वह सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाता है. ऑरेंज इकोनॉमी की ओर बढ़ता भारत अब दुनिया को यह दिखाने के लिए तैयार है कि उसकी सॉफ्ट पावर और क्रिएटिव टैलेंट भी अरबों डॉलर का कारोबार खड़ा कर सकता है.


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