पहलगाम हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ रहा है। भारत ने जहां पाकिस्तान का पानी रोक दिया है, वहीं पाकिस्तान ने भी भारत की सभी एयरलाइन्स के लिए अपनी हवाई सीमा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इसके अलावा, पड़ोसी ने भारत के साथ व्यापार भी रोक लगा दी है। इस रोक के दायरे में वो सामान भी आएगा जो पाकिस्तान से होकर दूसरे देशों को जाता है या वहां से आता है।
इन यात्रियों की कटेगी जेब
दोनों देश के बीच बढ़ रही टेंशन का सबसे ज्यादा खामियाजा पाकिस्तान को उठाना होगा। लेकिन भारत पर भी इसका कुछ न कुछ असर जरूर पड़ेगा। यह टेंशन लोगों की जेब को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है। चलिए नफे-नुकसान के इस पूरे गणित को समझने की कोशिश करते हैं। पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइन्स के लिए अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है, इससे हवाई किराया महंगा हो सकता है। खासकर, अंतर्राष्ट्रीय यात्रा करने वालों की जेब इससे ढीली हो सकती है।
एयरलाइन्स ने जताई चिंता
एयर इंडिया और इंडिगो ने कहा है कि पाकिस्तान के इस कदम से कुछ रूट्स पर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। दरअसल, भारतीय विमानों को अब लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व जैसे डेस्टिनेशन उनके लिए और भी दूर हो जाएंगे, क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को बाईपास करना पड़ेगा। पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बीच में पड़ता है, ऐसे में वहां एंट्री बंद होने से विमानों को घूमकर जाना पड़ेगा। जाहिर है, इससे उनकी परिचालन लागत बढ़ेगी और इसका बोझ विमानन कंपनियां यात्रियों पर डालेंगी।
पहले भी हुआ था नुकसान
विमान उड़ाने में सबसे ज्यादा खर्चा फ्यूल पर होता है। लंबे रूट का मतलब होगा कि कंपनियों को ईंधन पर ज्यादा खर्चा करना होगा। अगर भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद जल्द नहीं सुलझता तो एयरलाइन्स यह बढ़ा हुआ खर्चा यात्रियों की जेब से वसूलने के लिए हवाई किराया बढ़ा सकती हैं। एयर इंडिया और इंडिगो लंबी दूरी की कई उड़ानें संचालित करती हैं, इसलिए दिनों ने मौजूदा माहौल पर चिंता जाहिर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। तब भारतीय एयरलाइन्स को करीब 540 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
इनके बढ़ सकते हैं दाम
बात केवल हवाई किराया महंगा होने की ही नहीं है। भारत पड़ोसी पाकिस्तान से ड्राईफ्रूट्स, फल, सेंधा नमक और सीमेंट आदि खरीदता है। पाकिस्तान में रॉक साल्ट प्रचुर मात्रा में है और वो इसका बड़ा निर्यातक है। सौंदर्य प्रसाधन के रूप में जिस मुल्तानी मिट्टी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। वह भी पाकिस्तान से आती है। इसी तरह, भारत पाकिस्तान से चमड़ा और उससे बने उत्पाद भी खरीदता है। व्यापार पर रोक लगने से इन आइटम्स की सप्लाई और डिमांड का अंतर चौड़ा हो सकता है। इस सूरत में कीमतों में उछाल संभव है। इसके अलावा, पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंचने वाले सामान के लिए भी अब वैकल्पिक रूट चुनना होगा, इससे लागत बढ़ेगी और कीमतें चढ़ सकती हैं।
पाक को नुकसान अधिक
हालांकि, इस तनाव से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। भारत हर साल हजारों करोड़ रुपये का सामान पाकिस्तान भेजता है। पाकिस्तानी आवाम कई मामलों में भारतीय सामान पर निर्भर है। व्यापार पर बैन से सप्लाई चेन प्रभावित होगी और पाकिस्तान में संबंधित आइटम्स की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पाकिस्तान को निर्यात साल 2020 के मुकाबले 2024 तक 300% तक बढ़ा है। भारत पड़ोसी को कई तरह का सामना भेजता है, जिसमें जैविक रसायन, औषधीय उत्पाद, खनिज, चीनी और मिठाइयां आदि शामिल हैं।
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