TrendingiranSunetra Pawar

---विज्ञापन---

क्या मिडिल क्लास बचा पाएगी पैसा? जानिए- बजट 2026 में आम जन की जेब के लिए क्या है खास

टैक्स के स्लैब में तो कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, लेकिन मध्यम वर्ग दूसरे तरीकों से राहत दी गई है. विदेश घूमने से लेकर कैंसर की दवाइयों तक कई जगहों पर आपको राहत जरूर दी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना 9वां बजट पेश किया. अगर आप मिडिल क्लास वाले हैं तो आपके लिए यह बजट 'खट्टा-मीठा' रहा है. टैक्स के स्लैब में तो कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, लेकिन ऐसे लोगों को दूसरे तरीकों से राहत दी गई है. विदेश घूमने से लेकर कैंसर की दवाइयों तक कई जगहों पर आपको राहत जरूर दी है.

इनकम टैक्स : सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. इस वजह से सैलरीड टैक्सपेयर्स को को कोई नई प्रत्यक्ष राहत नहीं मिली. बजट में उसी टैक्स रिजीम को बरकरार रखा गया है, जिसके तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री रखा गया था. इसमें 75,000 रुपये की मानक कटौती जोड़ दी जाए तो 12,75,000 रुपये सालाना की इनकम टैक्स फ्री हो जाती है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : Budget 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? कैंसर की दवाओं से लेकर सोलर पैनल्स तक, देखें पूरी लिस्ट

---विज्ञापन---

ITR फाइल करना आसान : इसके अलावा, टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान किया जाएगा. 31 जुलाई तक ITR-1 और ITR-2 फाइल करना जारी रख सकते हैं, जबकि नॉन-एडिट बिजनेस और ट्रस्टों को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ITR का फॉर्म आसान बनाया जाएगा.

विदेश जाना सस्ता : आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो टूर पैकेज पर लगने वाला टैक्स (TCS) 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है. यानी अब विदेश यात्रा थोड़ी सस्ती होगी.

यह भी पढ़ें : US टैरिफ का तोड़ है बजट 2026! केंद्र सरकार ने इम्पोर्ट पर घटाई ड्यूटी; जानिए कैसे भारत को होगा फायदा

कैंसर की दवाइयां सस्ती : ड्यूटी छूट के साथ करीब 17 कैंसर दवाएं सस्ती हो जाएंगी. इसके अलावा, सात अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाईयां भी ड्यूटी फ्री हो जाएंगी.

निवेशकों की चांदी: अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो 'बायबैक' के नियमों में बदलाव से छोटे निवेशकों को फायदा होगा.

नौकरी के मौके: सरकार सड़कों, रेलवे और पुलों को बनाने में 12 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे लाखों नए रोजगार मिलने की उम्मीद है.

इसके अलावा मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल की ओर से दिए जाने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.


Topics:

---विज्ञापन---