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Income Tax Filling: सीनियर सिटीजन को ITR फाइलिंग में कितनी छूट? यहां चेक करें डिटेल्स

Senior Citizen Tax Exemption: सीनियर सिटीजन को आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कई कर लाभ मिलते हैं, जैसे 3 लाख रुपये तक की छूट और धारा 80TTB के तहत 50,000 रुपये तक ब्याज आय पर छूट आदि। 75 वर्ष से अधिक उम्र वालों को ITR फाइलिंग से भी छूट दी जाती है। आइए जानते हैं कि इनको कितना फायदा हो सकता है।

Best Tax Regime For Retired Senior Citizens
Senior Citizen Tax Exemption: भारत में वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) और अति वरिष्ठ नागरिक (Super Senior Citizen) के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं। ये प्रावधान उनके फाइनेंशियल मैनेजमेंट को आसान बनाने और टैक्स बेनिफिट्स देने के लिए बनाए गए हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि ऐसे कई तरीके हैं जिनसे वरिष्ठ नागरिक आय अर्जित करते हैं जैसे पेंशन, बचत पर ब्याज, किराये की आय, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे कैसे टैक्स पर छूट पा सकते हैं।

कौन है सीनियर सिटीजन?

टैक्स उद्देश्यों के लिए सीनियर सिटीजन वह व्यक्ति माना जाता है जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 साल या उससे अधिक आयु का हो, लेकिन 80 वर्ष से कम आयु का हो। वहीं सुपर सीनियर सिटीजन वह व्यक्ति होता है जो पिछले साल के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक आयु का हो।

आयकर अधिनियम, 1961 के तहत प्रावधान

धारा 194P के तहत वरिष्ठ नागरिकों को आईटीआर फाइलिंग से छूट मिलती है। इसके अनुसार, 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने से छूट दी गई है। हालांकि इसकी कुछ शर्तें होती हैं।
  • वरिष्ठ नागरिक को भारत का निवासी होना चाहिए।
  • केवल पेंशन और उसी बैंक से ब्याज आय होनी चाहिए, जहां पेंशन मिल रही है।
  • सरकार द्वारा निर्दिष्ट बैंक में खाता होना चाहिए।
  • वरिष्ठ नागरिक को बैंक में एक घोषणा पत्र (Declaration Form) जमा करना होगा।
  • बैंक धारा 87A और अध्याय VI-A के तहत कटौती के बाद कर की गणना करेगा और टीडीएस (TDS) काटेगा।
बता दें कि यदि बैंक टीडीएस काट लेता है, तो उस वरिष्ठ नागरिक को आईटीआर दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू आयकर रिटर्न फॉर्म

ITR फॉर्म लागू श्रेणी विशेषताएं
ITR-1 (सहज) निवासी व्यक्ति ₹50 लाख तक की कुल आय
ITR-2 व्यक्ति और HUF व्यवसाय/व्यवसाय की आय न हो
ITR-3 व्यक्ति और HUF व्यवसाय/व्यवसाय की आय हो
ITR-4 (सुगम) व्यक्ति, HUF और फर्म (LLP नहीं) ₹50 लाख तक की आय, धारा 44AD/44ADA/44AE के तहत आय

किनको नहीं होगा ITR-1 का फायदा?

  • कंपनी डायरेक्टर
  • अनलिस्टेड इक्विटी शेयरधारक
  • विदेश में संपत्ति/आय रखने वाले व्यक्ति
  • धारा 194N के तहत कर कटा हो
  • ESOP कर भुगतान स्थगित हो
  • 50 लाख रुपये से अधिक की कुल आय हो

किनको नहीं होगा ITR-4 का फायदा?

  • कंपनी डायरेक्टर
  • अनलिस्टेड इक्विटी शेयरधारक
  • विदेश में संपत्ति/आय रखने वाले व्यक्ति
  • 50 लाख रुपये से अधिक की आय हो

सीनियर सिटीजन के लिए जरूरी फॉर्म

फॉर्म का नाम उद्देश्य
फॉर्म 15H 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति द्वारा टीडीएस कटौती से बचने के लिए
फॉर्म 12BB कर्मचारी द्वारा कर कटौती के लिए नियोक्ता को विवरण देना
फॉर्म 16 वेतन पर टीडीएस की जानकारी
फॉर्म 16A वेतन के अलावा अन्य आय पर टीडीएस का प्रमाणपत्र
फॉर्म 26AS कर कटौती, कर भुगतान, रिफंड आदि की जानकारी
फॉर्म 10E वेतन में पूर्व या देर से भुगतान पर धारा 89(1) के तहत राहत का दावा
फॉर्म 67 विदेश से आय और विदेशी कर क्रेडिट का दावा करने के लिए
फॉर्म 3CB-3CD धारा 44AB के तहत ऑडिट रिपोर्ट
फॉर्म 3CEB अंतरराष्ट्रीय या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन की ऑडिट रिपोर्ट

वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर लाभ

उच्च कर छूट सीमा

  • सिनियर सिटीजन के लिए 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
  • सुपर सिनियर सिटीजन के लिए 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।

धारा 80TTB

सिनियर सिटीजन को बचत खाते और एफडी पर 50,000 रुपये तक की ब्याज आय पर कर छूट मिलती है।

हेल्थ इंसोर्सेंस प्रीमियम पर छूट (धारा 80D)

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है।
  • मेडिकल एक्सपेंसेस के लिए एक्स्ट्रा बेनिफिट दिया जाता है।

धारा 87A के तहत छूट

5 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर कर छूट मिलती है।

धारा 80DDB

गंभीर बीमारियों के इलाज पर 1 लाख रुपये तक की कटौती है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर स्लैब दरें

पुरानी कर प्रणाली (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 60-80 वर्ष आयु वर्ग)

आय स्तर (₹) कर दर
0 - 3,00,000 शून्य
3,00,001 - 5,00,000 5%
5,00,001 - 10,00,000 20%
10,00,000 से अधिक 30%

पुरानी कर प्रणाली (अतिवरिष्ठ नागरिकों के लिए 80+ वर्ष आयु वर्ग)

आय स्तर (₹) कर दर
0 - 5,00,000 शून्य
5,00,001 - 10,00,000 20%
10,00,000 से अधिक 30%

नई कर प्रणाली (FY 2025-26)

आय स्तर (₹) कर दर
0 - 4,00,000 शून्य
4,00,001 - 8,00,000 5%
8,00,001 - 12,00,000 10%
12,00,001 - 16,00,000 15%
16,00,001 - 20,00,000 20%
20,00,001 - 24,00,000 25%
24,00,000 से अधिक 30%

सिनियर सिटीजन के लिए उपलब्ध कटौतियां

  • धारा 80C – 1.5 लाख रुपये तक (PPF, ELSS, SCSS, NSC आदि में निवेश)।
  • धारा 80CCC – 1.5 लाख रुपये (पेंशन योजना प्रीमियम)।
  • धारा 80CCD(1B) – 50,000 रुपये (NPS में निवेश)।
  • धारा 80D – 50,000 रुपये (स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम)।
  • धारा 80DD – 1.25 लाख रुपये (निर्भर विकलांगों के लिए)।
  • धारा 80DDB – 1 लाख रुपये (गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए)।
  • धारा 80G – चैरिटी को दिए गए दान पर छूट।
  • धारा 80GGC – राजनीतिक दलों को दिए गए योगदान पर छूट।
  • धारा 80RRB – 3 लाख रुपये (पेटेंट रॉयल्टी आय)।
  • धारा 80TTB – 50,000 रुपये (ब्याज आय पर छूट)।
  • धारा 80U – 1.25 लाख रुपये (स्वयं विकलांग होने पर छूट)।
  • रिवर्स मॉर्गेज योजना – इस योजना से प्राप्त धनराशि कर मुक्त होती है।
  • अग्रिम कर से छूट – यदि वरिष्ठ नागरिकों की व्यावसायिक आय नहीं है, तो वे अग्रिम कर भुगतान से मुक्त होते हैं।
वरिष्ठ और अतिवरिष्ठ नागरिकों को ITR दाखिल करना अनिवार्य है यदि उनकी आय कर योग्य सीमा से अधिक है। यदि आय छूट सीमा से कम भी हो, तो कटौतियों और रिफंड का लाभ लेने के लिए रिटर्न दाखिल करना फायदेमंद होता है। यह भी पढ़ें- WAVES 2025 : देश में मीडिया और मनोरंजन इंडस्ट्री का ग्लोबल संगम


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