हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

RBI ने चला मास्टरस्ट्रोक, अब मजबूत होगा भारतीय रुपया

RBI ने ऐसी चाल चली है जिसके बाद से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो सकता है।

विज्ञापन
Photo Credit: Google

RBI Foreign Exchange Reserves: भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने एक ऐसी चाल चली है जिसके बाद से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो सकता है। जैसा आप जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसे हमास और इजरायल के युद्ध की वजह से बताया जा रहा है। पिछले 1 महीने से भारतीय रुपया लगातार डॉलर के मुकाबले नीचे जा रहा है है। आज की बात करें तो आज 1 डॉलर की कीमत 83.20 भारतीय रुपया पर पहुंच गई है।

RBI मार्केट में निकालेगा फॉरेक्स रिजर्व

अब देश के रिजर्व बैंक ने एक ऐसी चाल चली है जो भारतीय रुपया की गिरावट को थाम सकती है। दरअसल जैसा आप जानते हैं कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में फॉरेक्स रिजर्व मौजूद है। अक्टूबर 2023 तक भारत के पास 595 बिलियन डॉलर के फॉरेक्स रिजर्व हैं, जिसका इस्तेमाल RBI अंतरराष्ट्रीय बाजार में करने जा रही है। होता ये है कि जब भी किसी देश की करेंसी कमजोर होती है तो उसे देश का रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा को विदेशी बाजार में निकलना शुरू कर देता है। जिससे उसे देश की करेंसी कुछ हद तक मजबूत हो जाती है।

इस प्लान से कमजोर होगा विदेशी मुद्रा भंडार

हालांकि RBI के इस प्लान से एक तरफ विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर तो होगा, लेकिन इस समय रुपया को मजबूती देना प्राथमिकता है। आपको बताते चलें फॉरेक्स रिजर्व जिस देश का जितना मजबूत होता है, वो देश एक्सपोर्ट उतनी ही अच्छी से कर पाता है। इसके अलावा महंगाई की दर भी देश के अंदर स्थिर बनी रहती है।

यह भी पढ़ें- हैकर्स के इन 5 मैसेज की लिंक पर क्लिक करते ही अकाउंट खाली!

भारत एशिया में दूसरा सबसे बड़ा देश

एशिया में चीन के बाद भारत का सबसे बड़ा फॉरेक्स रिजर्व है। 2008 की मंदी में इसी रिजर्व ने भारत को मजबूती दी थी। यानी अब एक बार फिर से विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई की ताकत बनने जा रहा है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें