TrendingVenezuelaimd weather forecastTrump

---विज्ञापन---

‘ड्राइवर बनेगी’ ताना देते थे लोग, खड़ा कर द‍िया एविएशन एम्पायर; पढ़ें इस Shark Tank जज की कहानी

ये कहानी कनिका टेकरीवाल की है, ज‍िसे लोग ताना मारते थे कि वह ड्राइवर बनेगी, लेकिन उसने एक एविएशन एम्पायर खड़ा कर दिया. जेटसेटगो की को-फाउंडर और CEO, शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में जज कन‍िका टेकरीवाल ने 5,600 रुपये से 420 करोड़ रुपये तक का सफर कैसे पूरा क‍िया, जानें.

कनिका टेकरीवाल

ये कहानी कन‍िका टेकरीवाल की है, जो एक मारवाड़ी परिवार से आती हैं. एक ऐसा पर‍िवार जहां नौकरी की नहीं, ब‍िजनेस की बातें होती हैं. ऐसे में कन‍िका ने जब अपनी फैम‍िली से ये कहा क‍ि वो पायलट बनना चाहती हैं, तो उनकी फैम‍िली का पहला र‍िऐक्‍शन था 'क्या तुम ड्राइवर बनोगी?' हालांकि हवाई जहाज उड़ाने का उनका सपना जल्दी ही टूट गया, लेकिन इससे एविएशन से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ. टेकरीवाल ने एक अलग रास्ता अपनाया – एक ऐसा रास्ता जिसने आखिरकार उन्हें भारत की प्राइवेट एविएशन इंडस्ट्री की कमान सौंपी.

आज, वह जेटसेटगो की को-फाउंडर और CEO हैं और शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में जजों में से एक हैं, जिसका प्रीमियर 5 जनवरी को होने वाला है. लेक‍िन ये कैसे हुआ, आइये जानते हैं :

---विज्ञापन---

यह भी पढें : नए साल में इस द‍िन म‍िलेगा क‍िसानों को ग‍िफ्ट, अकाउंट में आएंगे 2000 रुपये

---विज्ञापन---

कैसे बनाई 420 करोड़ रुपये की नेटवर्थ

पायलट बनने का उनका सपना पूरा नहीं हुआ, तो कन‍िका ने आसमान से जुड़े रहने के दूसरे तरीके सोचने शुरू किए. उन्‍हें ये आइड‍िया आया क‍ि प्राइवेट जेट खरीदो और उन्हें किराए पर दो. इसी विजन को लेकर उन्‍होंने साल 2014 में, सिर्फ 21 साल की उम्र में JetSetGo की स्थापना की.

हालांकि वह इस आइडिया पर दिल से यकीन करती थीं, लेकिन दूसरों को मनाना बहुत मुश्किल था. उन्‍होंने एक इंटरव्‍यू में कहा क‍ि जब मैंने अपना बिजनेस शुरू किया, तो कोई इसे समझ नहीं पाया. मेरे पास एक जानलेवा कॉम्बिनेशन था - मैं एक लड़की थी, 21 साल की और एक ऐसे इंडस्ट्री में थी जहां पुरुषों का दबदबा था.

उन्होंने कहा कि जब वह प्लेन का इंस्पेक्शन करने एयरपोर्ट जाती थीं, तो लोग अक्सर उनकी उम्र और जेंडर देखकर मान लेते थे कि वह केबिन क्रू का हिस्सा हैं. लोग मुझसे पूछते थे, मैम, क्या आप केबिन क्रू में हैं? मुझे लाल रंग बहुत पसंद था. मैं अक्सर लाल कपड़े पहनती थी और लाल बैग कैरी करती थी.

फंड जुटाना भी एक और मुश्किल लड़ाई साबित हुआ. सबने मेरे सामने दरवाजा बंद कर दिया. सिर्फ एक इंसान ने मुझ पर यकीन किया. लेकिन सालों बाद, टेकरीवाल उस रिजेक्शन को एक छिपे हुए आशीर्वाद के रूप में देखती हैं. उन्‍होंने कहा क‍ि बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने बिना पैसे जुटाए यह कैसे किया. उन्‍होंने बताया क‍ि आज तक, मैंने सिर्र्फ 5600 रुपये इन्वेस्ट किए हैं और हम भारत में प्राइवेट जेट का सबसे बड़ा फ्लीट चलाते हैं.

साल 2013-14 में लॉन्च हुई JetSetGo भारत के सबसे बड़े प्राइवेट एविएशन फ्लीट में से एक को मैनेज करती है और बड़े शहरों में ऑपरेट करती है. कंपनी का हेडक्वार्टर दिल्ली में है, और इसके ऑपरेशनल बेस मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में हैं.

इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में, टेकरीवाल ने उस सुकून भरे एहसास के बारे में बात की जो उन्हें खुद पर विश्वास करने के पलों में महसूस होता है. उन्होंने कहा क‍ि जब आप सुबह उठते हैं और शीशे में देखकर सोचते हैं कि मैंने यह कर दिखाया है, तो वह संतोषजनक लुक मिलता है और फिर उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते रहने की चाह ही उन्हें हर दिन मोटिवेट करती है.

मुझे अपनी टीम, इन्वेस्टर्स और लोगों का भरोसा बनाए रखना है और उन्हें वापस देना है और उन्हें गर्व महसूस कराना है. JetSetGo शुरू करने से पहले, टेकरीवाल ने 2011 से 2013 तक ग्लोबल एविएशन कंपनी में डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस के तौर पर काम किया. इससे पहले साल 2009 से 2011 के बीच पैसिफिक एयरोस्पेस रिसोर्सेज एंड टेक्नोलॉजीज (PART) में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर (इंडिया) के तौर पर काम किया. उन्होंने इंडियाबुल्स में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट का पद भी संभाला.

टेकरीवाल के पास इंग्लैंड की कोवेंट्री यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में MBA, मुंबई यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में BA की डिग्री है और उन्होंने BD सोमानी इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड फैशन टेक्नोलॉजी से विज़ुअल कम्युनिकेशन और डिजाइन की पढ़ाई की है.


Topics:

---विज्ञापन---