वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल अपने लगातार नौवें बजट के साथ एक ऐसी परंपरा को बदलने जा रही हैं, जो पिछले 75 वर्षों से बनी हुई थी. अब तक बजट के पार्ट-B को केवल टैक्स घोषणाओं के लिए जाना जाता था. लेकिन इस बार वित्त मंत्री इसमें 21वीं सदी के भारत के इकॉनोमिक विजन को पेश करेंगी. पिछले केंद्रीय बजटों में, मुख्य बातें आमतौर पर पार्ट-A में होती थीं.
कई रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस बजट में पार्ट-बी में देश की स्थानीय ताकत और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को प्रमुखता दी जाएगी. इसके साथ ही इसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म टारगेट का जिक्र होने की उम्मीद है.
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इस बार निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट पेश करेंगी. उन्होंने 2019 में अपने पहले बजट में लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक 'बही-खाता' से बदल दिया था. उसकी जगह उन्होंने चमड़े के ब्रीफकेस का यूज किया. इस साल का बजट भी पिछले चार बार की तरह पेपरलेस होगा.
बता दें, पिछले साल (बजट 2025) में हुए क्रांतिकारी बदलावों के बाद, इस बार भी मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए कई बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है. वहीं, किसानों और गरीबों को इस बजट से उम्मीद है. जब भारत 21वीं सदी की दूसरे क्वार्टर में प्रवेश करने जा रहा है तो दुनियभार के देशों की नजर इस बजट पर टिकी हुई है.