केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की जनता के लिए कई राहत भरे एलान किए हैं. सरकार ने सात और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं को इंपोर्ट ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है जिससे गंभीर मरीजों का इलाज अब काफी सस्ता हो जाएगा. इसके साथ ही विदेश से यात्रा करके लौटने वाले लोगों के लिए बैगेज क्लीयरेंस और निजी सामान पर मिलने वाली ड्यूटी-फ्री सीमा को भी बढ़ा दिया गया है. वित्त मंत्री ने साफ किया कि इन सुधारों का मकसद आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करना और डायरेक्ट टैक्स के जरिए पारदर्शिता लाना है.
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मिशन पर 40 हजार करोड़
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए सरकार ने 40,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम की घोषणा की है. यह योजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगी. साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो बड़ी घोषणाएं की गई हैं जो इंडिया स्टैक और बौद्धिक संपदा (IP) से जुड़े मामलों को और मजबूत करेंगी. सरकार का पूरा ध्यान अब तकनीक के जरिए उत्पादकता बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है जिससे आने वाले सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल सके.
यह भी पढ़ें: तंबाकू पर 300% बढ़ा टैक्स, 18 रुपये वाली सिगरेट के लिए खर्च करने होंगे 72 रुपये!
विदेशी निर्भरता होगी पूरी तरह खत्म
चीन और अन्य देशों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित करने का फैसला लिया है. इन कॉरिडोर के जरिए भारत अपने ही देश में मौजूद दुर्लभ खनिजों की पहचान कर उन्हें प्रोसेस करेगा जिससे मैग्नेट और अन्य हाई-टेक सामानों के लिए बाहर से कच्चा माल नहीं मंगाना पड़ेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह रणनीतिक कदम भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालेगा और हम अपनी जरूरतों के लिए अपने ही संसाधनों का इस्तेमाल कर पाएंगे. इससे न केवल खर्च बचेगा बल्कि सामरिक रूप से भी भारत और ज्यादा मजबूत बनकर उभरेगा.
छोटे शहरों के विकास के लिए भारी निवेश
सरकार ने अब बड़े महानगरों के बजाय टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास को अपनी प्राथमिकता में रखा है. हर शहर के आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए सालाना 1000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि छोटे शहरों में भी मेट्रो जैसी सुविधाएं और बेहतर बिजनेस माहौल मिल सके. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जबकि राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य है. वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इन ढांचागत सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था स्थिर होगी बल्कि आम आदमी के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा.
संबंधित खबरें
अदाणी टोटल गैस का दूसरी तिमाही में 34% बढ़ा राजस्व
29 mins agoभारत में दुबई से भी सस्ता बिक रहा है पेट्रोल-डीजल? आंकड़ों ने किया हैरान
3 hrs agoदूसरी तिमाही में 145% बढ़ा अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का मुनाफा
4 hrs ago$111 के पार पहुंचा कच्चा तेल, बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की टेंशन
6 hrs agoअब ट्रेन में मिलेगा चार्जर और दवा, रेलवे ने ब्लिंकिट के साथ शुरू की नई सेवा
8 hrs agoपहले ही दिन 3 गुना से ज्यादा भरा Jio का IPO, 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा मौका
9 hrs agoकेंद्रीय कर्मचारियों के डीए का इंतजार बढ़ा, जानें कब होगा 3% बढ़ोतरी का ऐलान
12 hrs agoमेटा पर लगा 2.36 लाख करोड़ रुपये का भारी जुर्माना, जानिए पूरा मामला
14 hrs ago100% भरने के बाद भी खुला है मौका, 23 Oct तक ऐसे करें अप्लाई
1 day agoअदाणी ग्रीन ने खावड़ा में बनाया दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्लांट
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines