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New Income Tax Act: 5 लाख रुपये से कम कीमत वाली कार या बाइक पर नहीं होगी PAN की जरूरत! जानें

अगर वाहन की कीमत 5 लाख रुपये से एक रुपया भी ऊपर होती है, तो पैन कार्ड देना अभी भी अनिवार्य बना रहेगा. साथ ही, भारी नकदी लेनदेन (Cash Transaction) पर आयकर विभाग की नजर पहले की तरह ही बनी रहेगी.

नए न‍ियम के तहत 5 लाख रुपये तक के वाहन खरीदने के ल‍िए पैन की आवश्‍यकता नहीं होगी.

नए इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के तहत सरकार टैक्स नियमों को आसान बनाने और आम आदमी को राहत देने के लिए बड़े बदलाव कर रही है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण अपडेट PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) की अनिवार्यता को लेकर आया है. नए नियमों के अनुसार, अब आपको 5 लाख रुपये से कम कीमत वाली कार या बाइक खरीदने के लिए अपना पैन कार्ड (PAN Card) दिखाना अनिवार्य नहीं होगा.

नियमों में बदलाव

अभी तक किसी भी चौपहिया वाहन (4-wheeler) की खरीद पर PAN देना जरूरी होता था, चाहे उसकी कीमत कितनी भी कम क्यों न हो. अब इस न‍ियम में बदलाव क‍िया गया है. सरकार का उद्देश्य छोटे वाहन खरीदने वाले मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए कागजी कार्रवाई को कम करना है.

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कौन-कौन सी गाड़ियां इस दायरे में आएंगी?
टू-व्हीलर (2-Wheelers):
लगभग सभी सामान्य और इलेक्ट्रिक बाइक/स्कूटर इस श्रेणी में आ जाएंगे, क्योंकि उनकी कीमत आमतौर पर 5 लाख से कम होती है.

एंट्री-लेवल कारें: मारुति ऑल्टो (Alto), एस-प्रेसो (S-Presso) जैसी बजट कारों के बेस मॉडल्स या पुरानी (Used Cars) गाड़ियों की खरीद अब बिना PAN के संभव होगी.

नए इनकम टैक्स एक्ट के अन्य प्रमुख बदलाव
पैन कार्ड के अलावा भी कई वित्तीय लेन-देन में ढील दी गई है:

इंश्योरेंस प्रीमियम: यदि आपका सालाना जीवन बीमा प्रीमियम (Life Insurance Premium) 50,000 रुपये से कम है, तो वहां भी अब PAN देने की जरूरत नहीं होगी.

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बैंक डिपॉजिट: छोटे निवेशों और बचत खातों को बढ़ावा देने के लिए केवाईसी (KYC) प्रक्रियाओं को और भी आसान बनाया जा रहा है.

इस बदलाव से क्या फायदा होगा?
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती:
ग्रामीण इलाकों में कई लोगों के पास PAN कार्ड नहीं होता, जिससे उन्हें वाहन खरीदने में दिक्कत आती थी. अब वे आसानी से बाइक या छोटी कार खरीद सकेंगे.

सेकंड हैंड मार्केट को बढ़ावा: पुरानी गाड़ियों के बाजार (Used Car Market) में लेनदेन अब और भी तेज और आसान हो जाएगा.

कम होगी कागजी कार्रवाई: शोरूम और ग्राहकों, दोनों के लिए अनुपालन (Compliance) का बोझ कम होगा.

अगर वाहन की कीमत 5 लाख रुपये से एक रुपया भी ऊपर होती है, तो पैन कार्ड देना अभी भी अनिवार्य बना रहेगा. साथ ही, भारी नकदी लेनदेन (Cash Transaction) पर आयकर विभाग की नजर पहले की तरह ही बनी रहेगी.


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