स‍िगरेट बीड़ी और पान मसाला गुटका को महंगा करने के फैसले के बाद ITC के शेयरों में जोरदार ग‍िरावट देखने को म‍िल रही है. बता दें क‍ि आईटीसी एक एफएमसीजी कंपनी है, जो स‍िगरेट भी बनाती है. स‍िगरेट महंगा करने के सरकार के फैसले के आने के साथ ही कंपनी के शेयर डूबते जा रहे हैं. प‍िछले दो महीने में ही ITC के शेयरों में 14% की ग‍िरावट दर्ज की गई है.

ITC के शेयरों में ग‍िरावट के कारण इसके शेयरहोल्डर्स को करीब 72300 करोड़ का नुकसान हुआ है. इसमें एक शेयरहोल्‍डर LIC भी है, ज‍िसकी कंपनी में 1,98,58,07,233 शेयर यानी 15.86% की हिस्सेदारी है. इसलिए ITC के शेयर की कीमत गिरने से भारत के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) को दो दिनों में 11,460 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का झटका लग गया है.

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क्‍यों ग‍िर रहे ITC के शेयर?

वित्त मंत्रालय ने बुधवार रात को सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक पर 2050 से 8500 की एक्साइज ड्यूटी की घोषणा की, जो 1 फरवरी से लागू होगी. यह लेवी अगले महीने उसी तारीख से लागू होने वाले 40% ज्‍यादा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रेट के अलावा होगी.

बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि टैक्स बढ़ोतरी के कुछ असर को कम करने के लिए, सिगरेट बनाने वाली कंपनियों को कीमतें बढ़ानी होंगी, जिससे मांग और बिक्री की मात्रा पर असर पड़ सकता है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स के हवाले से कहा गया है कि ग्राहकों पर ज्‍यादा लेवी का पूरा असर डालने के लिए सिगरेट की कीमतों में 40% तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

प‍िछले 6 साल में सबसे भयंकर ग‍िरावट

ITC के शेयर की कीमत में गुरुवार को लगभग छह सालों में सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की गई, जब यह 10% गिर गया. इस ब्लू-चिप स्टॉक में आज ट्रेड में 5% की और गिरावट आई और यह NSE पर 345.25 रुपये के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया.