Layoffs In Paytm : फिनटेक कंपनी पेटीएम इस समय संकट के दौर से गुजर रही है। कंपनी के पेमेंट बैंक पर जहां बैन लगा हुआ है तो वहीं कंपनी से टॉप लेवल के कर्मचारी कंपनी छोड़ रहे हैं। यही नहीं, कंपनी के शेयर की भी हालत सही नहीं है। कंपनी का वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में घाटा बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। ऐसे में कंपनी अपने घाटे को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे कंपनी जबरदस्ती इस्तीफा ले रही है। कंपनी से निकाले गए कर्मचारी अपनी-अपनी दास्तां बयां कर रहे हैं।
कर्मचारी ने कहा- मैं मीटिंग में ही रोने लगा था
कंपनी से निकाले गए एक कर्मचारी ने कहा कि मैं उस दिन मीटिंग में था। मैं मीटिंग में ही रोने लगा। मैंने कहा कि मैं कम सैलरी और छोटे पद पर भी जॉब करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मेरी एक न सुनी गई। उन्होंने बताया कि पिछले महीने मुझे एचआर से कॉल आई थी। मुझसे कहा गया कि मैं अब कंपनी का हिस्सा नहीं रहूंगा और जून के शुरुआत तक मुझसे रिजाइन करने को कहा गया।
[caption id="attachment_749421" align="alignnone" ] पेटीएम में छंटनी।[/caption]
न कोई नोटिस, न कोई सवाल-जवाब
पेटीएम जिन कर्मचारियों को निकाल रही है, उन्हें किसी भी तरह का कोई नोटिस नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि यह कंपनी की फेयर एग्जिट पॉलिसी नहीं है। कंपनी जिन कर्मचारियों को निकाल रही है उनसे कोई बात भी नहीं कर रही है। यही नहीं, कंपनी एचआर मीटिंग में किसी भी कम्यूनिकेशन या कॉल को रिकॉर्ड नहीं करने की चेतावनी दे रही है।
अपॉइंटमेंट लेटर भी नहीं मिला
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक जिन लोगों को पेटीएम में जॉब मिली थी, उन्हें मिले ऑफर लेटर में लिखा था कि अगर वह शख्स 18 महीने से पहले जॉब छोड़ता है तो जो भी जॉइनिंग अमाउंट और रिटेंशन बोनस होगा, उसे वसूला किया जाएगा। कुछ मामलों में ऐसा ही नियम नौकरी से किसी भी कारण से निकाले जाने पर लागू होगा। हालांकि जिन लोगों के ऑफर लेटर में टर्मिनेशन क्लॉज नहीं है, पेटीएम ने यह कहकर जस्टिफिकेशन किया है कि यह बात उनके अपॉइंटमेंट लेटर में लिखी हुई थी, जिसे उन्हें जॉइनिंग के समय दिया गया था। इस बारे में कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से उन्हें ऐसा कोई लेटर नहीं मिला। कंपनी ने ऐसा लेटर न तो ई-मेल किया और न ही डाक से भेजा। साथ ही कंपनी ने उनसे ऐसा कोई लेटर साइन भी नहीं करवाया जिसमें एग्जिट पॉलिसी के बारे में इस तरह की बातें लिखी हों। एक कर्मचारी ने बताया कि जब उसने रिजाइन करने से मना कर दिया तो कंपनी ने उसे निकाल दिया और एक्सपीरियंस लेटर नहीं दिया।