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Home Loan: बैंक ने खो द‍िए आपके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स? हर द‍िन म‍िलेगा मुआवजा, जानें कैसे

अगर बैंक आपके होम लोन के ओरिजिनल दस्तावेज (जैसे सेल डीड या रजिस्ट्री) खो देता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के तहत आप भारी मुआवजे के हकदार हैं.

होम लोन देते वक्‍त बैंक घर के सारे पेपर अपने पास रख लेता है.

जब आप होम लोन लेते हैं, तो बैंक आपके घर के ओरिजिनल कागजात (जैसे Sale Deed, Title Deed आदि) को अपनी सुरक्षा के लिए 'गिरवी' (Mortgage) के तौर पर रख लेता है. क्‍योंकि होम लोन एक 'सिक्योर्ड लोन' (Secured Loan) होता है. बैंक आपको बड़ी रकम उधार देता है, और उसकी सुरक्षा के लिए वह आपके घर को कोलैटरल (Collateral) के रूप में इस्तेमाल करता है. ओरिजिनल पेपर्स बैंक के पास होने का मतलब है कि उस संपत्ति पर बैंक का कानूनी हक (Lien) है.

अगर कोई व्यक्ति होम लोन की किश्तें (EMIs) नहीं भर पाता है, तो बैंक को उस घर को बेचकर अपना पैसा वसूलने का कानूनी अधिकार होता है. ओरिजिनल पेपर्स पास होने से बैंक के लिए यह कानूनी प्रक्रिया आसान हो जाती है. लेक‍िन ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में जब आपने होम लोन की सारी किश्तें भर दी हैं, फ‍िर भी बैंक आपके घर के पेपर वापस नहीं कर रहा है, तो क्‍या होगा? यहां जान‍िये

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यह भी पढ़ें : Bank या Post Office, कहां ज्‍यादा सेफ है आपका पैसा?

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क्‍या कहते हैं न‍ियम ?

आरबीआई के न‍ियमों के अनुसार बैंक जब तक आपके घर के ओर‍िजनल पेपर्स वापस नहीं कर देता है, तब तक उसे हर द‍िन आपको 5000 रुपये का मुआवजा देना होगा. 1 दिसंबर 2023 से लागू RBI की नई गाइडलाइन्स के अनुसार मुआवजे और प्रक्रिया की पूरी जानकारी यहां दी गई है:

मुआवजे की राशि (Compensation Amount)

5000 प्रति दिन का जुर्माना:

अगर लोन चुकाने के 30 दिनों के भीतर बैंक आपके दस्तावेज वापस नहीं करता है, तो उसे आपको 5000 हर दिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा.

दस्तावेज खोने की स्थिति में:

यदि बैंक दस्तावेज खो देता है, तो उसे दस्तावेज की डुप्लीकेट/सर्टिफाइड कॉपी निकलवाने में आपकी मदद करनी होगी और इसका पूरा खर्च बैंक उठाएगा. इस प्रक्रिया के लिए बैंक को अतिरिक्त 30 दिन (कुल 60 दिन) मिलते हैं. यदि 60 दिनों के बाद भी काम नहीं होता, तो 5000 प्रतिदिन का जुर्माना लागू होगा.

अतिरिक्त मुआवजा:

RBI का कहना है कि यह 5000 का जुर्माना "बिना किसी पूर्वाग्रह" (without prejudice) के है. यानी, अगर आप चाहें तो मानसिक परेशानी या भविष्य में प्रॉपर्टी बेचने में होने वाले नुकसान के लिए कंज्यूमर कोर्ट में अलग से ज्यादा मुआवजे का दावा भी कर सकते हैं.

बैंक की जिम्मेदारियां (दस्तावेज खोने पर)

दस्तावेज खोने पर बैंक को कानूनी रूप से नीचे द‍िए गए कदम उठाने होंगे:

1. बैंक को अपने स्तर पर पुलिस में FIR दर्ज करानी होगी.

2. बैंक को कम से कम दो अखबारों (एक अंग्रेजी और एक स्थानीय भाषा) में दस्तावेज खोने का सार्वजनिक नोटिस देना होगा.

3. बैंक को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से प्रॉपर्टी पेपर की 'सर्टिफाइड कॉपी' निकलवा कर देनी होगी.

4. बैंक को अपने खर्च पर एक इंडेमनिटी बॉन्ड(Indemnity Bond) भी देना होगा ताकि भविष्य में उन दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी बैंक की हो.

आपको क्या करना चाहिए?

अगर आपको पता चलता है कि बैंक ने आपके कागजात खो दिए हैं तो बैंक को तुरंत एक औपचारिक शिकायत भेजें और उसकी रिसीविंग लें. जब तक आपको आपके सभी ओरिजिनल पेपर सही सलामत न मिलें, तब तक बैंक के किसी भी "दस्तावेज प्राप्ति पत्र" (Acknowledgment) पर साइन न करें.

अगर बैंक मुआवजा देने या कागजात ढूंढने में आनाकानी करे, तो आप RBI CMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. बड़े मुआवजे के लिए आप जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटा सकते हैं, जहां कई मामलों में अदालतों ने बैंकों पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है.


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