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500 करोड़ से आंकड़ा आया 5 करोड़ तक
ई-चालान शुरू में (2020) 500 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाली बड़ी कंपनियों के लिए लागू किया गया था और 3 साल के भीतर यह सीमा अब घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है। 1 अक्टूबर, 2020 से 500 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक राजस्व वाली कंपनियों के लिए और फिर 1 जनवरी 2021 से 100 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक राजस्व वाली कंपनियों के लिए व्यापार-से-व्यवसाय (B2B) लेनदेन के लिए ई-चालान अनिवार्य कर दिया गया था। यह भी पढ़ेंयह भी पढ़ें - Manipur Viral Video Case: CJI चंद्रचूड़ बोले- यह इकलौती घटना नहीं, तत्काल होना चाहिए न्याय जिन कंपनियों का टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक था, उन्होंने 1 अप्रैल, 2021 से B2B ई-इनवॉइस बनाना शुरू कर दिया था। 1 अप्रैल, 2022 से इसको घटाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया गया था। 1 अक्टूबर, 2022 तक सीमा को और घटाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया। अब यह 5 करोड़ तक आ पहुंचा है।और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहां पढ़ें
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