खेती-किसानी के लिए सबसे मददगार माने जाने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नए मास्टर डायरेक्शन का ड्राफ्ट जारी किया है. इन नए नियमों के लागू होने के बाद किसानों को न केवल ज्यादा लोन मिलेगा, बल्कि उसे चुकाने की समय सीमा में भी राहत दी जाएगी. अगर आप एक किसान हैं या KCC का इस्तेमाल करते हैं, तो 15 फरवरी के बाद चर्चा में आए इन 5 बड़े बदलावों को आपको जरूर जान लेना चाहिए.

Gold-Silver Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! आज क‍ितना सास्‍ता हो गया सोना चांदी, जानें

---खबर नीचे जारी है---

6 साल की होगी कार्ड की वैधता (Extended Tenure)

अब तक किसान क्रेडिट कार्ड आमतौर पर 5 साल के लिए जारी किया जाता था, जिसके बाद इसे रिन्यू कराने की लंबी प्रक्रिया होती थी. आरबीआई ने प्रस्ताव दिया है कि अब KCC की कुल अवधि 6 साल कर दी जाए. इससे किसानों को बार-बार बैंक के चक्कर काटने और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी.

---खबर नीचे जारी है---

फसल के हिसाब से तय होगा 'रीपेमेंट' (Standardized Crop Seasons)
आरबीआई ने लोन चुकाने के नियमों को फसल के चक्र (Cycle) से जोड़ दिया है:

---खबर नीचे जारी है---

छोटी अवधि की फसलें: इनके लिए 12 महीने का चक्र तय किया गया है.

---खबर नीचे जारी है---

लंबी अवधि की फसलें: इनके लिए 18 महीने का चक्र तय किया गया है.
इससे किसानों पर उस समय लोन चुकाने का दबाव नहीं होगा जब उनकी फसल बाजार में बिकने के लिए तैयार न हो.

---खबर नीचे जारी है---

8th Pay Commission: 31 द‍िसंबर 2026 से पहले र‍िटायर होने वाले कर्मचार‍ियों को क्‍या म‍िलेगा 8वें वेतन का लाभ? सरकार ने द‍िया जवाब

लोन की सीमा में बढ़ोतरी (Revised Drawing Limits)
बजट 2026 के संकेतों के बाद अब लोन की लिमिट को भी संशोधित किया जा रहा है. अब ड्राइंग लिमिट को सीधे 'स्केल ऑफ फाइनेंस' (SoF) से जोड़ा जाएगा. इसका मतलब है कि खेती की लागत (जैसे बीज, खाद, मजदूरी) जितनी बढ़ेगी, उसी अनुपात में किसान की लोन लेने की क्षमता भी बढ़ जाएगी.

डिजिटल पेमेंट और e-Rupee का इस्तेमाल
अब KCC सिर्फ एक प्लास्टिक कार्ड नहीं रहेगा. आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे KCC को UPI और CBDC (e-Rupee) से जोड़ें. अब किसान सीधे मंडियों में बीज या खाद खरीदते समय अपने फोन से पेमेंट कर सकेंगे. इससे नकदी रखने का जोखिम खत्म होगा और ट्रांजैक्शन पारदर्शी बनेगा.

मॉडर्न फार्मिंग के लिए भी मिलेगा पैसा
पहली बार KCC के दायरे को बढ़ाकर इसमें तकनीक को भी शामिल किया गया है. अब किसान निम्नलिखित कामों के लिए भी लोन का हिस्सा इस्तेमाल कर पाएंगे:

  • मिट्टी की जांच (Soil Testing)
  • ड्रोन और स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
  • जैविक खेती का सर्टिफिकेशन
  • रियल-टाइम मौसम पूर्वानुमान सेवाएं

ब्याज दर में क्या बदलाव है?
अच्छी बात यह है कि ब्याज दर के पुराने फायदे जारी रहेंगे. 5 लाख रुपये तक के लोन पर 7% की रियायती ब्याज दर लागू होगी. यदि किसान समय पर पैसा चुका देता है, तो उसे 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे प्रभावी ब्याज दर मात्र 4% रह जाएगी.

आरबीआई के ये नए नियम 6 मार्च 2026 तक फीडबैक के लिए खुले हैं, जिसके बाद इन्हें अंतिम रूप से लागू कर दिया जाएगा. ये बदलाव भारतीय खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे.