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इस बड़े सरकारी बैंक ने FD पर घटाया ब्याज, चेक करें लेटेस्ट इंटरेस्ट रेट

रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कटौती से जहां सस्ते लोन का रास्ता खुला है। वहीं, फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में भी कमी होने लगी है। कुछ बैंकों ने FD पर ब्याज दरों को पहले की तुलना में कम कर दिया है, इसका मतलब है कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर अब पहले वाला फायदा नहीं मिलेगा।

fixed deposit
यदि आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाने का सोच रहे हैं, तो पहले जितना ब्याज नहीं मिलेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंकों ने FD पर ब्याज में संशोधन किया है। सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 3 करोड़ रुपये से कम की FD पर ब्याज दरों में कटौती कर दी है।

कई बैंकों ने किया बदलाव

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से पहले यस बैंक, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इक्विटास और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक भी FD पर ब्याज दरों में बदलाव कर चुके हैं। ET की रिपोर्ट के अनुसार, संशोधन के बाद, पंजाब नेशनल बैंक सामान्य नागरिकों के लिए 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की FD पर 3.50% से 7.10% की दर से ब्याज दे रहा है। जबकि 390 दिनों की FD पर 7.10% की उच्चतम ब्याज दर दी जाती है।

क्या हैं नई ब्याज दरें?

PNB ने कई अवधियों के लिए अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में संशोधन किया है। 300 दिन की अवधि के लिए ब्याज दर 7.05% से घटाकर 6.50% कर दी गई है, जबकि 303 दिन की अवधि के लिए अब 7.00% से घटाकर 6.40% ब्याज दिया जा रहा है। 2 साल से 3 साल तक की FD के लिए ब्याज दर 7.00% से घटाकर 6.75% कर दी गई है। 1204 दिन की अवधि के लिए ब्याज दर 6.40% के बजाए अब 6.15% हो गई है। इसी तरह, 1205 दिन से 5 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर 6.50% से घटाकर 6.25% कर दी गई है।

वरिष्ठ नागरिकों की दरें

5 साल से अधिक अवधि यानी 1894 दिनों वाली FD पर अब ब्याज 6.00% की दर से मिलेगा, जो पहले 6.50% था। दिलचस्प बात यह है कि 1895 दिनों की अवधि वाले डिपॉजिट पर ब्याज दर में 6.35% से 5.85% तक की बढ़ोतरी हुई है। जबकि 1896 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि वाली FD पर ब्याज दर 6.50% से घटकर 6.00% हो गई है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 5 वर्ष तक की अवधि के लिए बैंक 4.00% से 7.60% तक की ब्याज दरें प्रदान करता है। जबकि सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक) के लिए ब्याज दरें 4.30% से 7.90% हैं.

पहले से ही था अनुमान

यह पहले से ही तय माना जा रहा था कि रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कटौती के बाद FD पर मिलने वाली ब्याज दरों में कमी आ सकती है। दरअसल, बैंक आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक ब्याज देकर उसे इसलिए आकर्षक बनाते हैं, ताकि लोग बैंकों में ज्यादा से ज्यादा पैसा रखें और उससे बैंक अपनी आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चला सकें। जब आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंक उससे कम लागत पर धन उधार ले सकते हैं। ऐसे में बैंकों को धन आकर्षित करने के लिए हाई रिटर्न की पेशकश की खास आवश्यकता नहीं रहती। इस वजह से वह FD पर ब्याज दरें कम कर देते हैं। यह भी पढ़ें - 4000 सस्ता होने के बाद क्यों महंगा होने लगा सोना? क्या बदलने लगे एक्सपर्ट्स के दावे


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